पवनकली की मौत पर अखाड़े के महंत अमनदीप और उनके अन्य साथी तथा महावत की आंखें भर आईं। अखाड़े के महंत ज्ञान देव सिंह महाराज ने पवन कली के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि वह हमारे परिवार के सदस्य तरह थी। उसके निधन से अखाड़े में सूनापन आ गया है।
अखाड़े के महंत अमनदीप सिंह पिछले छह महीने से पवन कली की सेवा कर रहे थे। पवन कली हरिद्वार की शोभा थी। हरिद्वार के हर धार्मिक उत्सव और कुंभ के अवसर पर शाही स्नान में पेशवाइयों में सबसे आगे चलती थी। मंगलवार को 12 बजे पवनकली को निर्मला छावनी में भू समाधि दी जाएगी और उसका स्मारक बनाया जाएगा।