पंचायत चुनाव में निष्पक्ष चुनाव के साथ ही इस बार 54 प्रेक्षक आपदा की भी निगरानी करेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को इन्हें प्रशिक्षण देते हुए चुनाव से पांच दिन पूर्व मुख्यालय पहुंचने को कहा है।आयोग ने चुनाव के लिए 54 वरिष्ठ अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया, जिनमें 42 मुख्य व 12 आरक्षित प्रेक्षक हैं।
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने सभी को संवैधानिक प्रावधानों, उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम 2016, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। विशेष रूप से मानसून के मद्देनजर आपदा प्रबंधन, सुरक्षित निर्वाचन प्रबंधन पर जोर दिया गया। मतदान दलों व मतदाताओं की सुरक्षा, संचर योजना व सुरक्षित मार्गों की पुष्टि सुनिश्चित करनी होगी।
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राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि प्रेक्षकों की भूमिका निष्पक्ष चुनाव और आमजन में प्रक्रिय के प्रति विश्वास पैदा करने के लिए अहम है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रेक्षक पहले चरण के 24 जुलाई को होने वाले चुनाव से पांच दिन पूर्व और इसी प्रकार दूसरे चरण में भी समय से पहुंच जाएं। उन्होंने सभी को अपने दायित्वों का निर्भिकता और निष्पक्षता से पालन करने का आग्रह किया। ब्यूरो