त्रिस्तरीय पंचातय चुनावों में मची मारामारी का आलम यह है कि एक ही परिवार की देवरानी और जेठानी प्रधान पद के लिए तो देवर-भाभी बीडीसी मेंबर के लिए मैदान में आमने सामने खड़े हैं।
हालांकि परिवार में चुनाव को लेकर किसी तरह की कोई रंजिश नहीं है लेकिन ग्रामीण परेशान हैं कि एक ही परिवार के किस व्यक्ति को वोट दें और किसे छोड़ दें।
यमकेश्वर ब्लाक के ठांगर ग्राम पंचायत में यह रोचक मुकाबला है। यहां पर देवरानी सुमनलता और जेठानी कमला देवी चुनावी द्वंद्व में आमने-सामने हैं।
चुनाव जीतने के लिए हो रहा संघर्ष
हालांकि दोनों के परिवार अलग-अलग रहते हैं, लेकिन उनमें सिर्फ चुनाव जीतने के लिए ही संघर्ष चल रहा है। 384 मतदाताओं वाली इस ग्राम पंचायत में एक प्रतयाशी पूजा देवी भी मैदान में है, पूजा भी इन्हीं के परिवार से है।
ग्रामीणों का कहना है कि जो प्रत्याशी चुनाव में हैं वे तो आपस में अच्छे ढंग से रह रहे हैं, लेकिन वह किसे वोट दें यह बड़ी समस्या बनी हुई है।
दूसरी ओर, क्षेत्र पंचायत सदस्य सीला क्षेत्र में देवर और भाभी के बीच सीधा मुकाबला है। यहां पर मीरा रतूड़ी और अरुणाभ रतूड़ी देवर भाभी हैं। दोनों इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
इनके अलावा तीन प्रत्याशी और मैदान में
क्षेत्रीय लोगों ने काफी प्रयास किया कि परिवार से एक ही व्यक्ति चुनाव में खड़ा हो, लेकिन दोनों ने ही पर्चे दाखिल कर चुनावी मैदान में ताल ठोक दी। अब जीत का सेहरा चाहे देवर के सिर पर सजे या भाभी के जीत तो एक ही परिवार की होगी। हालांकि इस सीट पर इनके अलावा तीन प्रत्याशी और मैदान में हैं।
इसके अलावा कई चचेरे भाई भी हैं जो चुनाव में आमने सामने खड़े हैं जिसमें ग्राम पंचायत डाडा दमराडा में नितिन बडोला और प्रदीप बडोला चचेरे भाई हैं, जबकि सीला ग्राम पंचायत में भी दो भाई आशीष रतूड़ी और कपिल रतूड़ी आमने सामने हैं।