तेजी से विलुप्त हो रही इस प्रजाति के करीब 250 हॉग डियर अब कंबोडिया के जंगलों में बचे हैं। भारत में इसे पाडा के नाम से भी जाना जाता है। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर(आईयूसीएन) ने इस प्रजाति को विलुप्तप्राय की लाल सूची में रखा हुआ है।
20वीं शताब्दी की शुरुआत से इसका दायरा बढ़ना शुरू हुआ और यह दक्षिणपूर्व एशिया के देशों तक पहुंचना शुरू हुआ है। माना जा रहा है कि जो प्रजातियां मणिपुर के राष्ट्रीय पार्क में देखी गई हैं, उनकी संख्या और अधिक भी हो सकती है। अभी तक माना जाता था कि पाडा केवल पाकिस्तान के हिमालयन क्षेत्र में मिलते थे।