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पेन किलर की आदत से आएगी गुर्दे की शामत

Sat, 16 Nov 2013 11:37 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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सिर दर्द, बदन दर्द या जोड़ों की तकलीफ से किसी को पेन किलर खाने की आदत हो गई है तो वह गुर्दों की जांच कराता रहे।
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बीपी हाई हो तो कराएं गुर्दे की जांच
वरिष्ठ गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. विक्रम सिंह और वैस्कुलर सर्जन डॉ. प्रीवण जिंदल ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि गुर्दे की बीमारी शुरु में पता नहीं चलती, जब पता चलती है तो देर हो जाती है, इसलिए जांच करा लेना चाहिए।
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डॉक्टरों ने बताया कि अगर किसी का ब्लडप्रेशर हाई हो रहा है तो वह दिल की जांच कराने के बजाए पहले गुर्दे की जांच कराए।

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गुर्दे में खराबी आने से भी ब्लडप्रेशर बढ़ने लगता है। यह एक तरह का दुश्चक्र है। गुर्दे खराब होने से बीपी बढ़ता है और बीपी बढ़ने से गुर्दा खराब होता है। उन्होंने बताया कि अगर शुरु में जांच हो जाए तो गुर्दे की खराबी के गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।
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लक्षण
सुबह चेहरे और शाम को पैरों पर सूजन आना
भूख कम लगना
उल्टी आना, खुजली होना
सांस फूलना
कम उम्र में बीपी बढ़ना
जल्दी थक जाना

बचाव
डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, यूरिक एसिड आदि नियंत्रित रखें

ध्यान रखें
डायरिया, गैस्ट्रोइंटाइटिस, चोट, पथरी के कारण गुर्दे फेल होने पर दवा से ठीक हो जाते हैं। इसे एक्यूट रीनल फेल्योर (एआरएफ) कहते हैं।
डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, यूरिक एसिड से फेल होने पर गुर्दों की खराबी ठीक नहीं होती। इसे क्रोनिक रीनल फेल्योर (सीआरएफ) कहते हैं।

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