प्रो.रावत के मुताबिक संगीत संध्या में गायक दुर्गा दास मुखर्जी, सानियाल समेत कई जानी मानी हस्तियां शामिल होती थीं। प्रो. रावत बताते हैं कि तब यहां गजब का साहित्यिक माहौल था। 1950 के दशक में ही नैनीताल में शशि कपूर की पत्नी जैनिफर कैडिल की कंपनी शेक्सपियर ड्रामेटिकल ने मरचेंट ऑफ वीनस और हेमलेट जैसे नाटकों का मंचन किया था।
नैनीताल में कवि सम्मेलन आयोजित कराने का श्रेय महान कवयित्री महादेवी वर्मा को जाता है। इतिहासकार प्रो. अजय रावत का कहना है कि वर्ष 1952 में ऑटम फेस्टिवल के दौरान पहला कवि सम्मेलन हुआ था। कवयित्री तारा पांडे इसकी आयोजक थीं, जबकि महादेवी वर्मा ने अध्यक्षता करते हुए इसके आयोजन में अहम भूमिका निभाई थी।