उप्र हिंदी संस्थान की ओर से बीते दिनों लखनऊ में आयोजित हुए भारत-भारती सम्मान में अल्मोड़ा के गंगोला मोहल्ला निवासी साहित्यकार पद्मश्री डॉ. रमेश चंद्र साह को भारत भारती सम्मान से नवाजा गया।
उप्र विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने पुरस्कार स्वरूप उन्हें गंगा प्रतिमा, अंगवस्त्र, ताम्रपत्र और पांच लाख रुपये की धनराशि प्रदान की। मालूम हो कि पद्मश्री साह को पूर्व में साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिल चुका है। गंगोला मोहल्ला निवासी डॉ. साह अंग्रेजी विषय के प्रोफेसर रहे लेकिन हिंदी में उनकी गहरी पकड़ और अगाध प्रेम उनके साहित्य से ही झलकता है।
भारत-भारती सम्मान मिलने पर साहित्यकार डॉ. शाह ने कहा कि आज साहित्य पढ़ने और लिखने वालों का अनुपात ठीक नहीं है। डॉ. साह ने निराला सृजन पीठ भोपाल के निदेशक का पद भी सुशोभित किया है। डॉ. साह को साहित्य क्षेत्र में व्यास सम्मान, मध्य प्रदेश का शिखर सम्मान, भवानी प्रसाद मिश्र और मैथलीशरण गुप्त सम्मान भी मिल चुका है।
डॉ. साह के अब तक 11 उपन्यास, 10 निबंध संग्रह, 10 साहित्य लोचन ग्रंथ, नौ काव्य संग्रह, सात कहानी संग्रह, पांच संपादित कृति ग्रंथ, तीन अनुवाद ग्रंथ, यात्रा वृतांत और दो बाल नाटक प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा अंग्रेजी भाषा में पांच ग्रंथ प्रकाशित हो चुके हैं। डॉ. साह अब तक यूगोस्लाविया, हंगरी, इंग्लैंड, चेकोस्लाविया, आयरलैंड आदि देशों की साहित्य यात्रा कर चुके हैं।