I
I
I
I- मंगलवार को दो कर्मचारियों को वार्ता के लिए बुलाने पर वापस लौटेI
कोरोनाकाल के बाद नौकरी से हटाए गए आउटसोर्स कर्मचारी सोमवार को राजभवन पहुंच गए। राजभवन के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस की तीखी नोकझोंक हुई। कर्मचारी राज्यपाल से मुलाकात कराने की मांग पर अड़े थे। बाद में मंगलवार को दो कर्मचारियों को वार्ता के लिए राजभवन बुलाए जाने के आश्वासन पर वह वापस लौटे।
बता दें, कर्मचारी सेवा बहाली व रिक्त पदों पर समायोजन की मांग को लेकर पिछले 116 दिन से एकता विहार स्थित धरना स्थल पर आंदोलन और 85 दिन से क्रमिक अनशन कर रहे हैैं। उनका कहना है कि कोरोनाकाल में उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना अस्पतालों में मरीजों की सेवा की है। लेकिन कोरोना समाप्त होने के बाद उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। कहा कि स्वास्थ्य मंत्री कई बार आश्वासन दे चुके हैं कि आउटसोर्स कर्मचारियों को रिक्त पदों पर समायोजित किया जाएगा, लेकिन अभी तक इस बाबत कोई कदम नहीं उठाया गया है। कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को अपनी मांगों के संदर्भ में खून से लिखा पत्र भेजा था और इच्छा मृत्यु की मांग की थी। इसका भी कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में उन्हें मजबूरन राजभवन जाना पड़ा। कहा कि जब तक उनकी सेवा बहाली कर रिक्त पदों पर समायोजित नहीं किया जाता है आंदोलन जारी रहेगा।
Iअनशन से बिगड़ रही कर्मचारियों की तबीयतI
कर्मियों ने बताया कि अनशन के दौरान कर्मचारियों की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। इस समय तीन कर्मचारी अनशन पर बैठे हैं। इनका कीटोन पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल में भर्ती करने की बात चल रही है। इस दौरान संतोष राणा, प्रदीप, अभिषेक ठाकुर, मुकेश शर्मा, शर्मिला चौहान, आरती आदि उपस्थित रहे।