मान्यता प्राप्त स्टार्ट अप को ‘ए’ श्रेणी के जिलों में व्यवसाय स्थापित करने के लिए मासिक भत्ता मिलेगा। जिसमें सामान्य वर्ग को 10 हजार, एससी, एसटी, महिला, दिव्यांग वर्ग को 15 हजार (प्रति स्टार्ट अप) मासिक भत्ता एक साल तक दिया जाएगा। इसके साथ ही नए उत्पाद की मार्केटिंग के लिए सामान्य वर्ग के स्टार्ट अप को 5 लाख और एससी, एसटी व महिला वर्ग को 7.5 लाख तक की सहायता सरकार देगी। एमएसएमई नीति के अनुसार स्टांप ड्यूटी में भी छूट मिलेगी। स्टार्ट अप उद्यमी की ओर से प्रदेश के भीतर ही माल की आपूर्ति करने पर एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति की जाएगी। मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटरों को तीन साल की अवधि तक संचालन एवं प्रबंधन खर्च के रूप में दो लाख प्रति वर्ष दिया जाएगा।
स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में यात्रा निकाल कर इनोवेशन आइडिया का चयन किया जाएगा। इससे छात्रों को भी अपने आइडिया रखने का मौका मिलेगा। प्रदेश भर से टॉप-10 आइडिया का चयन किया जाएगा। ऐसे आइडिया को बिजनेस के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार की तरफ प्रोत्साहन दिया जा रहा है। - सुधीर चंद्र नौटियाल, निदेशक, उद्योग विभाग