दूसरे समुदाय के युवक द्वारा एक चार साल की बच्ची संग हैवानियत का मामला सामने आया है। जिससे गुस्साई भीड़ ने शहर में बवाल मचा दिया।
सोमवार को इस घटना से गुस्साई जनता ने पौड़ी में जुलूस निकाल कर विरोध दर्ज कराया। व्यापारियों ने बजार बंद कराया और हिंदूवादी संगठनों के साथ कलेक्ट्रेट में धरना दिया। बता दें कि पौड़ी में चार साल की बच्ची को अगवा कर उसके साथ एक युवक ने दुराचार किया। तबीयत बिगड़ने पर बच्ची ने परिजनों को उसके साथ हुई घटना के बारे में परिजनों को बताया तो रविवार देर शाम वे घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने कोतवाली पहुंचे।
बच्ची की मेडिकल जांच कराने में देरी पर गुस्साए परिजनों और विश्व हिंदू परिषद ने कोतवाली में हंगामा करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। रात करीब साढ़े आठ बजे पुलिस ने बच्ची का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया और आरोपी युवक को गिरफ्तार भी कर लिया।
नेपाली मूल का है पीड़ित परिवार
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पुलिस के अनुसार पीड़ित नेपाली मूल का परिवार यहां रहता है। शनिवार शाम बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तभी नसीम अख्तर (21) पुत्र खेरुद्दीन निवासी लक्ष्मीनारायण मंदिर मूल निवासी कासगंज (बिहार) बच्ची को अगवा कर अपने कमरे में ले गया और वहां उसने उसके साथ दुराचार किया।
इसके बाद उसने लड़की को डरा धमकाकर घर भेज दिया। रविवार शाम बच्ची की तबीयत बहुत बिगड़ गई। माता-पिता ने बच्ची से पूछा तो उसने उसके साथ हुई घटना के बारे में बताया। इस पर परिजन बच्ची को लेकर पौड़ी कोतवाली पहुंचे और पुलिस को घटना की सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग भी कोतवाली पहुंच गए। पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज करने और बच्ची का मेडिकल कराने में देरी से नाराज लोगों ने कोतवाली में जमकर हंगामा किया।
आरोपी युवक को भी गिरफ्तार कर लिया
पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस ने पीड़ित बच्ची का मेडिकल कराने के बजाय उसे एक घंटे से थाने में बैठाया हुआ है।
इस पर पुलिस ने बच्ची को मेडिकल के लिए भेजा और आरोपी युवक को भी गिरफ्तार कर लिया। फिर भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। लोग पौड़ी में रह रहे संदिग्ध लोगों का सत्यापन और सख्त कार्रवाई करने की मांग पर अड़े थे।
मुख्यमंत्री के दौरे से लौटे एसएसपी जेआर जोशी ने रात करीब नौ बजे कोतवाली पहुंचकर घटना की जानकारी ली और पुलिस को आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।