आम विद्युत उपभोक्ताओं पर बकाया होने पर कनेक्शन काटने और सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपये बकाया होने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए जन संघर्ष मोर्चा ने यूपीसीएल से समान व्यवहार करने की मांग की है। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने इस संबंध में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक प्रकाश चंद्र ध्यानी से मुलाकात की। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की, जिस पर प्रबंध निदेशक ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
नेगी ने कहा कि आम उपभोक्ता का पांच हजार रुपये बकाया होने पर भी बिजली कनेक्शन काट दिया जाता है, जबकि सरकारी विभागों पर लगभग 1300 करोड़ रुपये बकाया होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने इसे उपभोक्ताओं के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार बताया।
रघुनाथ सिंह नेगी के अनुसार, जल निगम और जल संस्थान पर 450 करोड़, सिंचाई विभाग पर 452 करोड़, नगर निगम और नगर पालिकाओं पर 76 करोड़, अन्य सरकारी विभागों पर 150 करोड़, सांसद-विधायकों के आवासों पर 45 करोड़, एमएसएसवाई पर 258 करोड़ और स्मार्ट सिटी पर 45 करोड़ रुपये बकाया हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों से बकाया वसूली में ढिलाई का बोझ अंततः आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है। यूपीसीएल को सरकारी विभागों से भी सख्ती से बकाया वसूलना चाहिए, ताकि सभी उपभोक्ताओं के साथ समान व्यवहार हो सके।
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जितेंद्र जोशी