मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवक के माता-पिता के पक्ष में अहम फैसला सुनाया। अदालत ने द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 11 लाख 80 हजार 180 रुपये का मुआवजा मय ब्याज अदा करने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन के अनुसार, जुलाई 2023 की रात करीब 9:50 बजे ग्राम जीवनगढ़ में कृष्णा टाइल्स के पास यह दर्दनाक हादसा हुआ था। देहरादून स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत 33 वर्षीय नवाब अली अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। तभी कालसी की ओर से आ रहे एक ट्रक के चालक सचिन ने लापरवाही और गलत दिशा में वाहन चलाते हुए बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे नवाब अली की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद मृतक के पिता अब्दुल रहमान और माता रहीशन बेगम (निवासी लक्ष्मीपुर, विकासनगर) ने 22 लाख रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए अदालत में दावा याचिका दाखिल की थी।याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर ट्रक चालक को तेज व लापरवाही से वाहन चलाने का दोषी माना। चूंकि घटना के वक्त ट्रक का बीमा और चालक का लाइसेंस वैध पाया गया, इसलिए मुआवजा अदायगी की जिम्मेदारी बीमा कंपनी पर तय की गई।
न्यायालय ने मृतक की मासिक आय 8,331 रुपये का आकलन करते हुए भविष्य की आय में वृद्धि और आश्रितों के हिस्से समेत अन्य मदों को जोड़कर कुल 11,80,180 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि तय की है। अदालत ने बीमा कंपनी को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह निर्णय की तिथि से एक माह के भीतर यह राशि अधिकरण में जमा कराए। साथ ही, दावा दाखिल करने की तिथि (13 जुलाई 2023) से वास्तविक भुगतान होने तक इस राशि पर सात प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज भी देय होगा।