uttarakhand assembly monsoon session 2018
विपक्ष का जोर
पेट्रो पदार्थों को जीएसटी के दायरे में सरकार लाए, तो 10 से 15 रुपये पेट्रो पदार्थों की कीमत कम हो सकती है। एक्साइज टैक्स कम करके भी कीमत में इतनी ही कमी की जा सकती है। राज्य सरकार वैट कम करके भी इनकी कीमत घटा सकती है।
सरकार की सफाई
केंद्र स्तर पर पेट्रो पदार्थों की कीमतों को लेकर सरकार कवायद कर रही है। जहां तक राज्य सरकार का सवाल है, हम पिछले साल ही तय कर चुके हैं कि डीजल की कीमत में 21 और पेट्रोल की कीमत में 17 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोत्तरी नहीं होने देंगे।
महंगाई चरम पर है और अच्छे दिन लाने की बात करने वाली डबल इंजन की सरकार इससे बेपरवाह बनी हुई है। आम आदमी को रोटी के लिए तरसना पड़ रहा है।
- डा.इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष।
महंगाई पर सरकार का जवाब संसदीय कार्य मंत्री ने सामने रख दिया है। अब अगर विपक्ष सवालों का जवाब ही नहीं सुनना चाहता तो क्या किया जाए।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री।
uttarakhand assembly monsoon session 2018
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक किशोर उपाध्याय को विधानसभा भवन में जाने से रोकने पर मंगलवार को खूब हंगामा हुआ। नाराज किशोर भवन के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने सुरक्षा कर्मियों कोे जमकर फटकार लगाई। मामले ने इस कदर तूल पकड़ा कि सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने इस मुद्दे को उठा दिया। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के मनाने के बाद सदन की कार्यवाही आरंभ हुई।
घटनाक्रम के अनुसार, पूर्व विधायक किशोर उपाध्याय वनाधिकार अधिनियम 2006 को प्रदेश में लागू करने की मांग को लेकर विधानसभा पहुंचे। उनके हाथों में कुछ पर्चे थे, जो वे विधायकों को बांटना चाह रहे थे। उनके हाथों में पर्चे देखकर वहां तैनात पुलिस व विधानसभा के सुरक्षाकर्मी चौकन्ने हो गए। जब किशोर समर्थकों के साथ विधानमंडल भवन में जाने लगे तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इस पर उनकी सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस हुई।
नाराज किशोर समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। इस बीच कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन व गोविंद सिंह कुंजवाल वहां पहुंचे तो किशोर को धरने पर बैठा देख हैरान रह गए। उन्हें जब यह पता चला कि किशोर उपाध्याय को विधानमंडल भवन में जाने से रोका गया है तो वे सुरक्षाकर्मियों पर बरस पड़े। विधायक काजी निजामुद्दीन ने सादी वर्दी में मौजूद पुलिस कर्मियों पर सवाल उठाए।
uttarakhand assembly monsoon session 2018
उन्होंने यह कहकर भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल और केदार सिंह रावत को भवन में जाने से रोक दिया कि यदि पूर्व विधायक को अंदर नहीं जाने जा रहा तो कोई विधायक अंदर नहीं जा पाएगा। काजी के तीखे तेवर देख वहां मौजूद सुरक्षा कर्मी भी हट गए। किशोर को वे विधानमंडल भवन में ले गए। सदन में जाते ही उन्होंने सबसे पहला सवाल किशोर उपाध्याय को लेकर ही उठाया, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पास होने पर किसी को भी प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता है।
‘मैं पूर्व विधायक हूं। वनाधिकार अधिनियम को लागू करने की मांग कर रहा हूं। ये मेरी मांग नहीं, सभी दलों की मांग है। लेकिन मुझे प्रवेश करने से रोका जा रहा है। ये सही नहीं है। मैं चाहता हूं कि सदन अधिनियम को लागू कर उत्तराखंड के लोगों को वनवासी घोषित कराए।
- किशोर उपाध्याय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस।
किशोर उपाध्याय पूर्व विधायक हैं, उन्हें विधानसभा में आने का पूरा अधिकार है। लेकिन उन्हें रोका जाना अनुचित है।
- काजी निजामुद्दीन, कांग्रेस विधायक