प्रदेश में सीआरपी, बीआरपी की नियुक्ति को लेकर शिक्षकों में घमासान मचा है। राजकीय शिक्षक संघ जहां नियुक्ति का समर्थन कर रहा है। वहीं प्राथमिक शिक्षक संघ इसके विरोध में उतर आया है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री दिग्विजय चौहान ने कहा कि मामले में शिक्षक मंगलवार को विभागीय अधिकारियों और इसके बाद मुख्यमंत्री से मिलेंगे। इसके बाद भी सकारात्मक कार्रवाई न हुई तो आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
प्राथमिक शिक्षक संघ करेगा विरोध
प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री दिग्विजय चौहान ने कहा कि सीआरपी, बीआरपी के पदों पर कई शिक्षक चयनित होकर आए हैं। यदि चयनित होकर आए इन शिक्षकों को हटाया गया तो इसका विरोध होगा। उन्होंने कहा कि रिक्त और अटैचमेंट वाले पदों पर नये बीआरसी, सीआरसी रखे जा सकते हैं, लेकिन अन्य पदों पर नहीं।
मामले को लेकर संगठन की प्रदेश अध्यक्ष निर्मला महर भी पिथौरागढ़ से दून पहुंच चुकी हैं। जो आज मामले को लेकर विभागीय अधिकारियों से मिलेंगी।
दूसरी ओर राजकीय शिक्षक संघ नियुक्ति का समर्थन कर रहा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि सीआरपी, बीआरपी के पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। संगठन की ओर से पिछले काफी समय से इसकी मांग की जा रही थी। शासन ने अब इस पर अमल किया है।
सोशल साइट में भी छिड़ी जंग
सीआरपी, बीआरपी की नियुक्तियों को लेकर सोशल साइट में भी जंग छिड़ी हुई है। कुछ शिक्षक इसका समर्थन तो कुछ विरोध कर रहे हैं। विनय सुंद्रियाल का कहना है कि वह प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेश अध्यक्षा से यह जानना चाहते हैं कि छह महीने पहले जब हरिद्वार में समस्त सीआरपी, बीआरपी को बगैर समीक्षा किए एक तरफा हटा दिया गया उस दौरान संगठन ने इसका विरोध क्यों नहीं किया। आज संगठन के कुछ पदाधिकारियों को हटाया जा रहा है तो इसका विरोध हो रहा है।
ये शिक्षक कर रहे विरोध
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ काशीपुर, ऊधमसिंह नगर के ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद कुमार चौहान ने कहा कि प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के वही लोग सीआरपी, बीआरपी की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं। जो परीक्षा में दस फीसदी बोनस अंक लेने के बावजूद चयनित नहीं हो पाए।
ऐसे भी हैं लोग
नैनीडांडा, पौड़ी गढ़वाल की शिक्षिका सुनीता कबटियाल ने कहा कि सीआरपी और बीआरपी के पदों पर ऐसे शिक्षक भी जमे हैं जिनके द्वारा कभी कोई परीक्षा नहीं दी गई।