नंदा देवी चोटी पर बर्फ में दबे शव
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
नंदादेवी में पर्वतारोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आकर लापता हुए आठवें पर्वतारोही की खोजबीन में मौसम बाधक बन रहा है। हालांकि, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के हिमवीर खराब मौसम के बावजूद खोजबीन कर रहे हैं।
13 मई को मुनस्यारी से नंदादेवी ईस्ट के लिए गए ब्रिटेन निवासी मार्टिन मोरिन, जोन चार्लिस मैकलर्न, रिचर्ड प्याने, रूपर्ट वेवैल, अमेरिका के एंथोनी सुडेकम, रोनाल्ड बीमेल, आस्ट्रेलिया की महिला पर्वतारोही रूथ मैकन्स और इंडियन माउंटेनियरिंग फेडरेशन के जनसंपर्क अधिकारी चेतन पांडेय पर्वतारोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आने से लापता हो गए थे।
इनमें से महिला समेत सात पर्वतारोहियों के शवों को आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी और एवरेस्ट विजेता रतन सिंह सोनाल के नेतृत्व में गई 18 सदस्यीय टीम ने 23 जून को गहरे बर्फ से निकाल लिया था।
इन शवों को फिलहाल 17800 फीट की ऊंचाई पर अस्थायी कैंप में रखा गया है। मंगलवार को भी उच्च हिमालयी क्षेत्र में खराब मौसम और हिमपात चलते आठवें सदस्य की खोजबीन का काम प्रभावित रहा।
आईटीबीपी के कुशल पर्वतारोही नंदा देवी क्षेत्र में बर्फ में लापता आठवें सदस्य की खोजबीन कर रहे हैं। मंगलवार को भी जवानों ने ढूंढखोज की। मौसम बाधक बन रहा है।
- डॉ.विजय कुमार जोगदंडे जिलाधिकारी, पिथौरागढ़।