राज्यस्तरीय प्रतियोगिता और टीमें सिर्फ तीन..चौंक गए ना, यह हाल है विद्यालयी शिक्षा विभाग के तत्वावधान में रविवार को हुई नेहरू हॉकी का। जिसके अंडर-17 और अंडर-15 वर्ग में सिर्फ देहरादून जिले की टीम ही शामिल हो सकी।
अंडर-17 में स्पोर्ट्स कॉलेज की टीम ने मैदान में उतरकर टूर्नामेंट की कुछ लाज बचाई, लेकिन बिना टीमों के टूर्नामेंट कराए जाने पर अब सवाल भी उठने लगे हैं।
खानापूर्ति करने तक ही सीमित
विद्यालयी शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिताएं अब सिर्फ खानापूर्ति करने तक ही सीमित रह गई हैं।
सुब्रतो कप फुटबाल टूर्नामेंट के बाद रविवार को नेहरू हॉकी का भी शिक्षा विभाग ने मजाक बनाकर रख दिया। दरअसल महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में रविवार को बालक वर्ग की राज्यस्तरीय नेहरू हॉकी की शुरुआत होनी थी।
असमंजस की स्थिति
जिसमें अंडर-15 और 17 वर्ग के मैच खेले जाने थे। मगर दोनों वर्गों में देहरादून जिले की सेंट एग्नेस टीम ही पहुंच सकी। जिस कारण प्रतियोगिता शुरू कराने पर असमंजस की स्थिति बन गई।
इसके बाद अंडर-17 वर्ग में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज की टीम ने शामिल होकर थोड़ी लाज बचाई और खिताब पर भी अपना कब्जा कर लिया।
जिलों से ही टीम नहीं भेजी
मगर अंडर-15 में सिर्फ सेंट एग्नेस की टीम ही शामिल हुई। वहीं टीमों के न आने पर आयोजकों का कहना है कि उन्होंने सभी जिलों को पत्र भेजा था, लेकिन जिलों से ही टीम नहीं भेजी गई।
क्योंकि टूर्नामेंट में आने वाले खिलाड़ियों का खर्च जिला स्तर पर ही उठाना पड़ता है। वहीं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के ऐसे हश्र के बाद इसे विद्यालयी शिक्षा के खेल कलैंडर में शामिल करने पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।