विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के दौरान नजारा कुछ बदला-बदला नजर आएगा। क्योंकि विधानसभा में 70 में से 58 विधायक ही कार्यवाही में भाग लेंगे।। 70 सदस्यीय विधानसभा के 11 विधायकों की सदस्यता रद्द की चुकी है और एक विधायक ने इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में अब विधानसभा में कांग्रेस व भाजपा के विधायकों की संख्या 26-26 है। पीडीएफ के विधायकों की संख्या 6 है।
फ्लोर टेस्ट को छोड़कर अगर विधानसभा के बजट सत्र की बात की जाए तो उस वक्त विधायकों की संख्या 70 थी। 18 मार्च के बाद शुरू हुए राजनीतिक उठा पटक के दौर में विधायकों की संख्या 70 से घटकर 58 रह गई है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के नौ बागी सदस्यता 27 मार्च को समाप्त कर दी थी। इसके बाद फ्लोर टेस्ट के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने के मामले में भीमलाल आर्य व रेखा आर्य की सदस्यता भी रद्द कर दी गई। राज्यसभा के चुनाव से पहले भाजपा के विधायक दान सिंह भंडारी दे दिया था।
इन विधायकों की सदस्यता हुई रद्द
विजय बहुगुणा, हरक सिंह रावत, शैलारानी रावत, शैलेंद्र मोहन सिंघल, कुंवर प्रणव चैंपियन, अमृता रावत, सुबोध उनियाल, उमेश शर्मा काऊ व प्रदीप बतरा।
-पार्टी व्हिप का उल्लंघन का मामला
भाजपा के विधायक भीमलाल आर्य व कांग्रेस की विधायक रेखा आर्य की सदस्यता हुई निरस्त।
इस्तीफे से एक सीट खाली
-भीमताल से भाजपा के विधायक दान सिंह भंडारी के इस्तीफा से एक सीट हुई खाली।
विधानसभा में दलीय स्थिति
कांग्रेस ---26
भाजपा --26
पीडीएफ -06