पहले ऑनलाइन पहचान, फिर भरोसा और आखिर में अपराध
अपराधियों के लिए सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म लोगों का विश्वास हासिल करने का आसान माध्यम बन रहे हैं। कई मामलों में आरोपी अपनी असली पहचान छिपाकर आकर्षक प्रोफाइल बनाते हैं। इसके बाद दोस्ती, प्रेम या शादी का रिश्ता बनाने के नाम पर भावनात्मक रूप से सामने वाले को अपने विश्वास में लेते हैं। भरोसा बनने के बाद आर्थिक मदद, नौकरी, विदेश भेजने या किसी अन्य जरूरत का हवाला देकर रकम मांगी जाती है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि ऑनलाइन पहचान को वास्तविक पहचान मान लेना सबसे बड़ा जोखिम है। शादी या डेटिंग प्लेटफॉर्म पर मिले व्यक्ति की पृष्ठभूमि की स्वतंत्र रूप से जांच किए बिना व्यक्तिगत जानकारी, दस्तावेज या रकम साझा करना नुकसानदायक हो सकता है।
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रिश्ता ऑनलाइन हो तो सावधानी ऑफलाइन भी जरूरी
पुलिस लगातार लोगों से अपील करती है कि सोशल मीडिया या डेटिंग एप पर किसी अनजान व्यक्ति के साथ बातचीत के आधार पर तुरंत भरोसा न करें। आर्थिक लेनदेन से बचें और सामने वाले की पहचान व पृष्ठभूमि की जांच करें। किसी भी तरह का दबाव, धमकी या संदिग्ध आर्थिक मांग सामने आने पर परिवार को जानकारी देने के साथ पुलिस से संपर्क करना चाहिए। ऑनलाइन रिश्ते की शुरुआत भले ही कुछ क्लिक से हो, लेकिन उसमें सावधानी की कमी जिंदगी भर का नुकसान कर सकती है।