राजधानी देहरादून के कई प्राइवेट स्कूलों ने ऑनलाइन बच्चों की पढ़ाई शुरू कर दी है। स्कूल सुबह व्हाट्सएप पर बच्चों के लिए दिनभर के टास्क भेजते हैं। बच्चों को शाम तक यह टास्क पूरे कर वापस व्हाट्सएप पर भेजना होता है। प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र भेजकर यह जानकारी दी है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम कश्यप ने कहा कि स्कूलों को साल भर में 220 दिन की पढ़ाई करनी होती है। इस वर्ष कोरोना के कारण काफी समय स्कूल बंद रहे हैं। इसलिए गर्मियों और जाड़ों की छुट्टियों में कटौती की जा सकती है। उन्होंने प्रशासन से भी स्थानीय स्तर पर होने वाली छुट्टियां न करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इससे बच्चों की पढ़ाई और कोर्स खत्म करने के लिए वक्त मिल पाएगा। उन्होंने सरकार से आरटीई का पैसा भी देने की मांग की। कहा कि सरकार को आरटीई का लाखों रुपया स्कूलों को भुगतान करना है। मुश्किल की इस घड़ी में स्कूलों को इसका भुगतान किया जाना चाहिए ताकि वह अपने स्टाफ को वेतन इत्यादि दे सकें।
फीस जमा कराएं अभिभावक
प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भेजे पत्र में कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम अभिभावकों को फीस जमा करने के लिए बोला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने अभिभावकों पर फीस के लिए दबाव न बनाने को कहा है। इसके कारण आर्थिक रूप से संपन्न अभिभावकों ने भी फीस जमा नहीं कराई है, जिससे स्कूल प्रबंधन को शिक्षकों व स्टाफ का वेतन व अन्य खर्चे देने में दिक्कत हो रही है।