उत्तराखंड में वाहनों के वीआईपी नंबरों की अब ऑनलाइन बोली लगेगी। पिछले एक साल से चल रही इस मुहिम के तहत एआरटीओ देहरादून अरविंद पांडेय टीम के साथ बुधवार को ऑनलाइन प्रक्रिया की बारीकियां जानने को गाजियाबाद आरटीओ कार्यालय पहुंचे।
वहां एआरटीओ (प्रशासन) विश्वजीत सिंह ने उनकी टीम को ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी दी। परिवहन विभाग के अफसरों के मुताबिक मार्च के प्रथम सप्ताह में इस प्रक्रिया के प्रदेश में शुरू होने की उम्मीद है। प्रक्रिया के शुरू होने से विभाग को अधिक राजस्व तो मिलेगा ही, साथ ही वीआईपी नंबरों को हासिल करने को सफेदपोश नेताओं का हस्तक्षेप भी बंद हो जाएगा।
बता दें कि उत्तराखंड में वाहनों के वीआईपी नंबर अभी तक मैनुअल प्रक्रिया से अलॉट किये जाते है। वाहन स्वामी को वीआईपी नंबर लेने को पहले आवेदन करना होता है, उसके बाद लॉटरी सिस्टम से नंबर दिया जाता है। इस प्रक्रिया सफेदपोश नेताओं और दलालों का राज चलता है। अफसर भी नेताओं के हस्तक्षेप से परेशान रहते है।
विगत दिनों किसी अन्य को एक वीआईपी नंबर देने पर आरटीओ सुधांशु गर्ग की एक छात्र नेता से विवाद भी हुआ था। इसी झंझट को खत्म करने के लिए विभाग पिछले एक साल से यूपी और दिल्ली समेत कई प्रदेशों में ऑनलाइन बोली से वीआईपी नंबर देने की प्रक्रिया शुरू करने के प्रयास में लगा है।