ओएनजीसी कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार
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ओएनजीसी प्रबंधन की मनमानी के विरोध में 900 संविदा कर्मचारियों ने बुधवार को हड़ताल कर गेट पर प्रदर्शन किया। ओएनजीसी कांट्रेक्ट यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर अधिकारियों ने मनमानी न रोकी तो वह सभी आवश्यक सेवाएं भी बंद कर देंगे।
ओएनजीसी में बुधवार को 20 मेस और एक अटेंडेंट संविदा कर्मचारी को गेट से प्रवेश न देने पर बात बिगड़ गई। कर्मचारियों ने हंगामा शुरू किया तो ओएनजीसी कांट्रेक्ट यूनियन भी इसमें शामिल हो गई। यूनियन के महामंत्री अनिल कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों ने एकजुट होकर गेट पर प्र्रदर्शन किया और कार्य बहिष्कार कर दिया। 900 कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने की वजह से ओएनजीसी के कई काम प्रभावित हुए हैं। उनका आरोप है कि उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने प्रबंधन को सभी आवश्यक सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी है। उन्होंने ओएनजीसी के नए एचआर हेमंत कुमार पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों के लिए व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस मौके पर इंटक के महामंत्री अनिल कुमार, संयुक्त सचिव रमेश नौटियाल, संगठन मंत्री संदीप कुमार, मुकेश शर्मा, गगन कक्कड़, चंद्र सागर उनियाल, विपिन कुमार सहित तमाम संविदा कर्मचारी मौजूद रहे। उधर, मामले में ओएनजीसी के निगमित संचार विभाग के प्रमुख रजनीश त्रिवेदी का कहना है कि अचानक हड़ताल करना नियम विरुद्ध है। किसी भी कर्मचारी ने न तो पहले से कोई नोटिस दिया है और न ही उन्होंने अपनी कोई मांग बताई है। प्रबंधन का यह भी कहना है कि कर्मचारियों ने 21 जनवरी को बड़े स्तर पर हड़ताल की चेतावनी दी है, जिसके हल के लिए पर प्रबंधन विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि ओएनजीसी एकेडमी से एक कर्मचारी का तबादला किया गया है, जो कि न तो किसी कर्मचारी को उत्पीड़न है और न ही मनमानी।