- पदोन्नति न होने से पूरे प्रदेश में बनी है प्रधानाचार्य और प्रवक्ताओं की कमी
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। नया शिक्षा सत्र 2026-27 एक अप्रैल से शुरू हो चुका है, लेकिन इंटरमीडिएट कॉलेजों में प्रधानाचार्य नहीं हैं। अल्मोड़ा जिले के 37 इंटर कॉलेजों में मात्र एक प्रधानाचार्य है। अल्मोड़ा जैसा हाल अन्य जिलों का भी है। जो प्रधानाचार्यों की कमी से जूझ रहे हैं।
प्रदेश में प्रधानाचार्यों एवं प्रवक्ताओं के पदों पर पदोन्नति पिछले कई साल से लटकी है। यही वजह है कि प्रधानाचार्य के 80 प्रतिशत से ज्यादा पद खाली हैं। विभाग की ओर से खाली पदों को भरा जा सके इसके लिए विभाग ने विभागीय सीधी भर्ती का निर्णय लिया था, लेकिन शिक्षकों के विरोध के चलते विभाग की ओर से भर्ती के प्रस्ताव को स्थगित करते हुए विभाग, राज्य लोक सेवा आयोग से भर्ती का प्रस्ताव वापस मांग चुका है।
-
जिले में यह है स्थिति
देहरादून। अल्मोड़ा जिले में प्रधानाचार्य के 37 पद स्वीकृत हैं। जबकि कार्यरत सिर्फ एक है। वहीं, प्रवक्ताओं के 340 में से 184 और सहायक अध्यापक एलटी के 447 में से 59 पद खाली हैं।
-
अल्मोड़ा में प्रवक्ताओं के 50 प्रतिशत पद खाली
देहरादून। अल्मोड़ा जिले में विज्ञान एवं गणित प्रवक्ताओं के 551 में से 251 पद खाली हैं। जबकि सहायक अध्यापक एलटी के 568 में से 29 पद खाली हैं।
टिहरी जिले में भी बनी है शिक्षकों की कमी
देहरादून। टिहरी जिले में भी प्रवक्ताओं की कमी बनी है। इस जिले में प्रवक्ताओं के 249 पद स्वीकृत हैं। इसमें से 38 पद खाली हैं। जबकि सहायक अध्यापक एलटी के 338 में से 10 पद खाली हैं।
अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में भी शिक्षकों के कई पद खाली
देहरादून। प्रदेश के अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में भी शिक्षकों के कई पद खाली हैं। इन विद्यालयों में प्रवक्ताओं के 551 और सहायक अध्यापक एलटी के 269 पद खाली हैं। इन विद्यालयों को सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध किया गया है।