शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के शिक्षण कार्य के निर्धारित समय से दो घंटे अतिरिक्त समय दिए जाने का शिक्षक संघ ने विरोध किया।
संघ का कहना है कि पहले स्कूलों में शिक्षकों की संख्या का मानक पूरा किया जाना चाहिए। उत्तराखंड प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ की बैठक जिलाध्यक्ष नेपाल सिंह की अध्यक्षता में रोशनाबाद में बुलाई गई। बैठक में जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक की ओर से स्कूलों में एक पत्र भेजा गया है।
पत्र में कहा है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 19 के प्रावधानों के अनुसार शिक्षण कार्य के निर्धारित समय से अतिरिक्त दो घंटे तक अध्यापकों को विद्यालयों में रुककर अन्य गतिविधियां करनी हैं। उन्होंने इस पर रोष जताया।
जिला महामंत्री सुखबीर सिंह चौहान ने कहा कि जिले में 185 जूनियर हाई स्कूल हैं जिनमें से चार में शिक्षक नहीं हैं। सात विद्यालय ऐसे हैं जहां केवल एक शिक्षक है और 16 विद्यालयों में दो शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है।
केवल 81 विद्यालय ही ऐसे हैं जिनमें तीन कक्षाओं के लिए तीन अध्यापक नियुक्त हैं, जबकि सभी जूनियर स्कूलों में तीन-तीन कक्षाएं होती हैं। जिला महामंत्री ने कहा कि आरटीई प्रदेश में लागू कर दिया है, लेकिन मानकों के अनुसार स्कूलों में अध्यापक संख्या नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इस अधिनियम का कोई औचित्य नहीं है।
कीरतपाल सिंह ने कहा कि शिक्षकों को पहले ही मध्याह्न भोजन, बीएलओ और पशुगणना में लगाया जाता है अब निर्धारित समय के अलावा अतिरिक्त दो घंटे स्कूल में रुकने का फरमान सुना दिया जाता है। बैठक में शशिभूषण मिश्रा, यशपाल सिंह, नत्थू सिंह, कर्म सिंह, जीतपाल, अमरपाल, विक्रम सिंह, संजय कुमार, आरती, सुमन, शकील अहमद, ओमपाल सिंह, नरेंद्र कुमार शामिल रहे।
फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें