शुक्रवार को बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी संस्थान में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंची थीं। इसी बीच पीड़ित छात्रा एकाएक उनके सामने आकर रोने लगी। नेगी ने जब कारण पूछा तो उसने अपने साथ हुई एक एक घटना बताई। एसओ राजपुर ने बताया कि छात्रा की शिकायत के बाद प्रभारी निदेशक डॉ. गीतिका माथुर से भी जानकारी ली गई है। उनकी सहमति के बाद ही छात्रा से तहरीर लेकर आरोपी राकेश रावत के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल, छात्र संस्थान से गायब बताया जा रहा है।
शुक्रवार को भी मारपीट का आरोप
बताया जा रहा है कि आरोपी छात्र एक छात्र संगठन से ताल्लुक रखता है। उसने शुक्रवार को भी छात्रा को झूठी बात कहते हुए अपने पास बुलाया था। छात्रा ने जब इसका विरोध किया तो छात्र ने उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि छात्र ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी।
अब भी पकड़ से बाहर आरोपी शिक्षक
बता दें कि बीते 14 अगस्त को संस्थान के अंतर्गत एमएसवीएच के छात्र-छात्राओं ने संस्थान की व्यवस्थाओं के खिलाफ आंदोलन किया था। छात्रों ने लगभग सात दिनों तक गेट पर कब्जा जमाए रखा। छात्र-छात्राओं ने स्कूल के म्यूजिक टीचर सुचित नारंग पर छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। मामला बढ़ा तो राज्यमंत्री रेखा आर्य ने इसका संज्ञान लिया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सुचित नारंग के खिलाफ राजपुर थाने में गत 18 अगस्त को मुकदमा दर्ज कर किया गया, लेकिन पुलिस अभी तक आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।