उत्तराखंड के रुड़की में भगवानपुर क्षेत्र में संदिग्ध बुखार से मौत होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र में संदिग्ध बुखार से एक फैक्टरी में सुपरवाइजर के पद पर तैनात एक और व्यक्ति की मौत हो गई। बुखार की शिकायत होने पर सुपरवाइजर का उपचार देहरादून में चल रहा था। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने चंडीगढ़ रेफर कर दिया, लेकिन सुपरवाइजर की रास्ते में ही मौत हो गई।
भगवानपुर क्षेत्र के छापुर, सिंकदरपुर भैंसवाल, मोहितपुर समेत कई गांवों में संदिग्ध बुखार का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार की चपेट में आकर अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई लोग अब भी बुखार की चपेट में हैं, जिनका उपचार रुड़की, देहरादून समेत अन्य जगहों पर चल रहा है। संदिग्ध बुखार से शनिवार की शाम एक सुपरवाइजर की मौत होने का मामला सामने आया है।
हरियाणा के पानीपत स्थित बिहार कॉलोनी निवासी रामकरण 57 वर्ष पुत्र चंद्रभान भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्टरी में सुपरवाइजर के पद पर तैनात थे। करीब छह दिन पूर्व बुखार की शिकायत होने पर साथियों ने उन्हें देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। तभी से सुपरवाइजर का देहरादून में ही उपचार चल रहा था। शनिवार की शाम अचानक तबीयत अधिक बिगड़ने पर चिकित्सकों ने मरीज को चंडीगढ़ रेफर कर दिया। परिजन सुपरवाइजर को लेकर चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए, लेकिन सुपरवाइजर ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
सुपरवाइजर की मौत के बाद संदिग्ध बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 21 से अधिक पहुंच गया है। वहीं, श्रमिकों का कहना है की फैक्टरी एरिया में गंदगी होने के कारण मच्छर अधिक पनप रहे हैं, जिसके चलते डेंगू होने का खतरा बना हुआ है। औद्योगिक क्षेत्र में आज तक दवाइयों का छिड़काव तक नहीं कराया गया है। उधर, सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। जल्द ही औद्योगिक क्षेत्र में दवाइयों का छिड़काव कराया जाएगा।