इनमें पहाड़ के महाविद्यालयों में साइकिल स्टैंड मदों को खत्म किया जा सकता है। लेकिन लघु मरम्मत शुल्क के रूप में छात्र-छात्राओं की जेब पर हर साल डेढ़ सौ रुपये तक भारी पड़ सकते है। वहीं स्नातक में कॉमर्स के छात्रों से सबसे कम और विज्ञान के छात्रों से सबसे अधिक फीस ली जाएगी।
जिसमें स्नातक कॉमर्स की फीस 250-300 रुपये, कला संकाय के छात्रों से 300-350 और विज्ञान संकाय के छात्र-छात्राओं से हर महीने 350-400 रुपये शुल्क लिए जाने का प्रस्ताव है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि नौ नवंबर के बाद इस प्रस्ताव को सरकार को सौंपा जाएगा। इस प्रस्ताव पर सरकार के अनुमोदन के बाद ही छात्रों से बढ़ी फीस ली जा सकेगी।
प्रदेश में कुछ महाविद्यालय भवन बहुत पुराने हैं, इनकी मरम्मत के लिए कई बार सरकार को लिखा जाता है, लेकिन इसके लिए धनराशि नहीं मिल पाती। छात्र-छात्राओं से लघु मरम्मत शुल्क लिए जाने का प्रस्ताव है। कमेटी विभिन्न महाविद्यालयों में फीस का परीक्षण कर चुकी है। जल्द ही इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा।
-बीएस बिष्ट, फीस संशोधन कमेटी के अध्यक्ष