IIलंढौर स्थित घंटाघर की एक घड़ी खराब है। इसके अलावा प्रतिघंटा सुनाई देने वाली टन-टन भी दो सप्ताह से बंद है।नगर पालिका प्रशासन शिकायत के बाद भी लापरवाह बना हुआ है।
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Iलंढौर में स्थापित घंटाघर शहर की धड़कन माना जाता है। बड़ी-बड़ी घड़ियां और हर घंटे आने वाली आवाज से हर कोई अपनी दिनचर्या शुरू करता है। शाम के जब पांच बज रहे थे तब घंटाघर की घड़ी में सुबह के पौने नौ बजे थे। लंढौर घंटाघर के व्यापारी रवि गोयल ने बताया कि प्रतिघंटे आने वाली आवाज करीब दो सप्ताह से बंद है। पूर्व में इसको लेकर नगर पालिका को बताया गया, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। इससे घंटाघर शोपीस बन कर रह गया है। वहीं, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी तनवीर सिंह मारवाह का कहना है कि घंटाघर का कुछ सामान खराब होने के कारण समस्या बनी है। शीघ्र ही घंटाघर की घड़ी और आवाज वाले सिस्टम को सुधारा जाएगा।I