प्रदेश में भू-कानून लागू करने की मांग को लेकर विश्व पहाड़ दिवस के मौके पर पूर्व छात्रसंघ महासचिव सचिन थपलियाल ने धरना प्रदर्शन किया। एकता विहार स्थित धरना स्थल पर धरने पर बैठे सचिन के साथ विभिन्न संगठनों ने समर्थन दिया। उन्होंने पहाड़ों में विनाशकारी प्रोजेक्ट्स को बंद करने की मांग की है।
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सचिन थपलियाल ने कहा कि पहाड़ों पर तेजी से जमीनों को भू-माफिया खरीद रहे हैं। यहां के जंगल को नष्ट करने का प्रयास तेजी से किया जा रहा है। सरकार को राज्य के लिए सख्त भू-कानून बनाने की जरूरत है। लेकिन बार-बार मांग करने के बाद भी सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही।
उन्होंने कहा कि संपूर्ण भारत को वेद-पुराण का ज्ञान देने व पवित्र और शुद्ध हवा प्रदान करने वाले प्रदेश का अस्तित्व अब खतरे में है। देहरादून शिवालिक श्रेणी में बसा शहर है। लेकिन सरकार इसका तेजी के साथ दोहन करने में मस्त हैं। जबकि भूगर्भ शास्त्रीय दृष्टि से बॉयो रिजर्व जोन का हिस्सा है। सरकार की गलत नीतियों के कारण आज पूरा पहाड़ उद्योगपतियों ने टाइम बम के ऊपर खड़ा कर दिया है।
पांच साल में राज्य के 37 ताल गिर चुके हैं। 27 पुल गिरने की कगार पर हैं। 20 सालों में चंडीगढ़ से पांच गुणा वन उत्तराखंड में उजड़ चुके हैं। नागरिक मंच के यश आर्य की जमीन की खुली छूट के चलते आज भू-माफिया प्रदेश में हावी है। उन्होंने सख्त भू-कानून के साथ ही अनुच्छेद 371 की मांग की। इस दौरान बॉबी पंवार, विशाल चौहान, दीपेंद्र लाल, नवीन चौहान, संतोष राणा, सुनील रावत, राजेंद्र, अंकित खैरवाल आदि मौजूद रहे।