अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर सनातन धर्म मंदिर से मुख्य बाजार होते हुए मंडी गेट तक शोभा यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में श्री राम, लक्ष्मण और हनुमान की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। मंदिर में दिनभर पूजन और कीर्तन चलता रहा।
सुबह करीब 8.00 बजे से मंदिर में विशेष पूजा अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आहुति दी। मंदिर परिसर से मुख्य बाजार से मंडी गेट तक श्री राम की शोभायात्रा निकाली गई। मंदिर परिसर में अयोध्या में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह एलईडी के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया। इस अवसर पर कृषि मंडी समिति की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन और प्रसाद वितरण किया गया।
इस मौके पर संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुशील कुमार अग्रवाल, बलजीत संवई, सचिन कुमार, विजया सब्बरवाल, रीना चौहान, प्रीति चौहान, नीलम संवई, नीलम चौहान आदि उपस्थित रहे।
Iराम लला के साथ भारत के प्राणों की भी पुनर्प्रतिष्ठा हुई हैं : पुंडीरI
ग्राम पंचायत झाझरा के बालाजी मंदिर में श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लाइव प्रसारण के लिए बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई। हजारों की संख्या में भक्तों ने मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की लाइव कवरेज देखी। भक्तों को हलवे और खीर का प्रसाद बांटा। वहीं विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने ग्राम सुद्धोवाला और रजौली में आयोजित शोभायात्रा में भी प्रतिभाग किया। शोभायात्रा दौरान शोभायात्रा के दौरान विधायक ने कहा कि आज केवल रामलला की प्राण प्रतिष्ठा ही नहीं, बल्कि भारत के प्राणों की भी पुनर्प्रतिष्ठा हुई हैं।
सेलाकुई में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर भंडारे का आयोजन किया गया। कहीं कड़ी चावल तो कहीं हलवे का प्रसाद का वितरण हुआ। शिव मंदिर सेलाकुई में भंडारे का आयोजन किया गया। वहीं औद्योगिक क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में उद्योगपतियों ने अपने उद्योग बंद रख रखें और कई कंपनियों में भंडारे का भी आयोजन किया गया। सेलाकुई बाजार को लड़ियों से सजाया गया। जगह-जगह आतिशबाजी की गई।
Iकालसी में निकाली गई शोभायात्राI
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर तहसील मुख्यालय कालसी स्थित दुर्गा मंदिर, श्री महाकाली मंदिर, दुर्गा मंदिर हरिपुर आदि में विशेष पूजा अनुष्ठान किया गया। इस अवसर पर भगवान श्री राम की शोभा यात्रा भी निकाली गई। कालसी तहसील मुख्यालय स्थित दुर्गा मंदिर में सुबह 9:00 बजे से विशेष पूजा अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित विपिन उनियाल की ओर विशेष यज्ञ का भी आयोजन किया गया।