उगा हे सूरज देव भेल भिनसरवा, अरघ के रे बेरवा पूजन के रे बेरवा हो... छठ गीत घाटों पर गूंजायमान रहा। महापर्व के चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाओं ने घाट पर श्री सोप्ता के पास बैठकर छठी मईया की कथा और पूजा की।
शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए सुबह चार बजे से ही महिलाएं दऊरा-सुपली के साथ घाटों की ओर रवाना होने लगी। पांच बजे तक छठ घाटों पर बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं और उनके परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में जुट गए। महिलाओं ने उगते हुए सूर्य देवता को अर्घ्य दिया। इस दौरान छठी मईया और सूर्य देवता के जयकारों की गूंज रही। महिलाओं ने उत्तराखंड की सुख-शांति की कामना की। व्रती महिलाओं ने घाट पर श्री सोप्ता के पास बैठकर छठी मईया की कथा और पूजा की। अर्घ्य देने के बाद महिलाएं परिवार के साथ प्रसाद का दऊरा सुपली लेकर अपने घरों की ओर रवाना हुईं। घर पहुंचकर परिवार के साथ कुल देवता की पूजा की।
आईटीबीपी के डीआईजी मनु महाराज, डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, पीएनबी के क्षेत्रीय महाप्रबंधक सुनील दूबे, एसबीआई के एजीएम गगन श्रीवास्तव, पूर्व आईएफएस अजय लाल, इंडियन बैंक के क्षेत्रीय महाप्रबंधक राजीव कुमार, डॉ. एएन पांडेय, डॉ. लालिमा, स्नेहा, मंच के अध्यक्ष एचएस राव ने भी रायपुर और हरवंशवाला छठ घाट पर पहुंचकर छठी मईया की आराधना की। वहीं, बिहारी महासभा के सचिव चंदन झा और पूर्वा सांस्कृतिक मंच के संस्थापक-महासचिव सुभाष झा ने छठ पूजा के सफल समापन पर सभी को बधाई दी।
Iनारियल पानी से किया निर्जला व्रत का पारणI
उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही महिलाओं का 36 घंटे का निर्जला व्रत भी खत्म हो गया। महिलाओं ने घर पहुंचकर नारियल पानी के साथ व्रत का पारण किया। छठ महापर्व के समापन पर घाटों पर जमकर आतिशबाजी की गई।