हरिपुर में चल रही नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास पंडित संजय जुगलान ने नवरात्र का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि नवरात्र पर देवी के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। सच्चे मन से पूजा-अर्चना और व्रत रखने से देवी प्रसन्न होती है। सभी मनोकामनाओं को पूरा करती है। भजनों पर महिलाएं जमकर झूमीं।
कथा व्यास ने मां की महिमा बताते हुए कहा कि पुत्र कुपुत्र हो सकता है, लेकिन मां कभी भी कुमाता नहीं हो सकती है। मां भगवती अपने भक्तों की सदा रक्षा करती है। उन्होंने कहा कि सभी को सत्संग में जाना चाहिए। संतों का साथ करना चाहिए। सनातन धर्म की रक्षा के लिए सभी को आगे आना चाहिए। उन्होंने सतानती संस्कृति के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। कहा कि प्रभु भक्ति से ही मोक्ष प्राप्ति संभव है। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष वीर सिंह रावत, दिनेश नेगी, देवेंद्र सिंह नेगी, भगत सिंह राठौर, शशिलता भट्ट, सुनीता सकलानी, संतोष बाला मौजूद रहीं।