उन्हें घायल अवस्था में राजौरी सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 24 जनवरी को सुबह छह बजे जगदीश ने अंतिम सांस ली। बृहस्पतिवार को शहीद जगदीश का पार्थिव शरीर सेना के विमान से जौलीग्रांट लाया गया और वहां से हेलीकॉप्टर से शाम चार बजे गोपेश्वर स्पोर्ट्स स्टेडियम लाया गया।
स्टेडियम सेना और जिला प्रशासन के अधिकारी शहीद के पार्थिव शरीर को वाहन से गंडासू गांव ले गए। इस दौरान स्टेडियम और आसपास के लोग शहीद की अंतिम झलक पाने के लिए उमड़ पड़े।
शहीद जगदीश का डेढ़ वर्ष का पुत्र वरुण और पांच साल की बेटी कामिनी है। पिता की शहादत की खबर आने के बाद से ही नन्हीं कामिनी का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दौरान पूर्व डिप्टी स्पीकर डा. अनसूया प्रसाद मैखुरी, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, डीएम आशीष जोशी, एसडीएम परमानंद राम भी मौजूद थे।