ट्रेनों के वातानुकूलित कोच में सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह खबर राहत देने वाली है। यात्रियों को अब वातानुकूलित कोच में सफर के दौरान अपने स्तर पर कंबल, चादर, तकिया लेकर नहीं चलना होगा। बल्कि रेलवे की ओर से ही तमाम सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इतना ही नहीं ट्रेनों के वातानुकूलित कोच में अब पर्दे लगा दिए जाएंगे। रेलवे बोर्ड की ओर से इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। रेलवे बोर्ड के आदेश के बाद देहरादून से संचालित होने वाली तमाम ट्रेनों में यह सुविधा नए सिरे से शुरू की जा रही है। हालांकि अधिकारियों का यह भी कहना है कि अभी यह सुविधा बहाल होने में थोड़ा वक्त लगेगा।
बता दें कि कोरोना संकट शुरू होने के साथ ही रेलवे बोर्ड ने यात्रियों को कोरोना संक्रमण से बचाने को लेकर तमाम ट्रेनों के वातानुकूलित कोच में लगाए गए पर्दे हटाने के साथ ही कंबल, चादर, तकिया की सुविधा भी समाप्त कर दी थी। इतना ही नहीं कोरोना की पहली लहर के बाद तो पूरे देश में कई माह तक ट्रेनों का संचालन ही ठप रहा और जब ट्रेनों का संचालन बहाल किया गया तो ये सुविधाएं बहाल नहीं हो पाई। पिछले दो साल से वातानुकूलित कोच में यात्रियों को कंबल, चादर और तकिया की सुविधा नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में यात्रियों को परेशानि यों का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक दिक्कत ठंड के दौरान सफर करने वाले यात्रियों को हुई। लेकिन अब जबकि उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों में संक्रमण ना के बराबर है तो और स्थितियां सामान्य हो गई है तो ऐसे में अब रेलवे बोर्ड में ट्रेनों के वातानुकूलित कोच में पर्दे लगाने के साथ ही यात्रियों को कंबल, चद्दर और तकिया मुहैया कराने का आदेश दिया है। बता दें कि पिछले दिनों हुई उत्तर रेलवे ने देहरादून समेत देश के तमाम राज्यों से संचालित होने वाली ट्रेनों के साधारण कोच में आरक्षण की सुविधा समाप्त करने के साथ ही बिना आरक्षण के यात्रा करने का आदेश जारी किया है, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली है।
रेलवे बोर्ड की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही तमाम व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के साथ ही यात्रियों को कंबल, चादर और तकिया की सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।
-सुधीर सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक