एक बुजुर्ग का अंतिम संस्कार मौत के तीन दिन बाद भी नहीं हो पाया। पूरा गांव और रिश्तेदार इस बात के इंतजार में बैठे रहे। आगे पढ़िए पूरा मामला...
दरअसल, उत्तराखंड के एक गांव में बेटे जेल में बंद होने के कारण बुजुर्ग का दाह संस्कार नहीं हो पाया। पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में बंद बेटे और उसकी मां को जब से सूचना मिली तो उन्होंने बाहर जाने की फरियाद की। इसकी इंतजार में तीन दिन तक बुजुर्ग का शव वहीं रखा रहा।