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नांदरी दियावई पर्व के साथ हुआ बूढ़ी दिवाली का आगाज

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साहिया क्षेत्र में भीमल की लकड़ी जलाकर छोटी दिवाली मनाते बच्चे। - फोटो : VIKAS NAGAR
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साहिया। जनजातीय क्षेत्र जौनसार में सोमवार से नांदरी दियावई पर्व के साथ बूढ़ी दिवाली का आगाज हो गया है। अब अगले पांच दिनों तक पंचायती आंगनों में लोक संस्कृति की मनमोहक छटा देखने को मिलेगी। पर्व के पहले दिन लोगों ने मंदिरों में ईष्ट देवी-देवताओं का पूजन कर भीमल और चीड़ की लकड़ियों से बनी मशाल के साथ होला खेला। लोगों ने लकड़ियों को जलाकर सुख और समृद्धि की कामना की। रात भर पंचायती आंगन में ढोल, दमाऊ की थाप पर नृत्य चलता रहा।
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अनूठी संस्कृति के लिए पहचाने जाने वाले जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में दिवाली को मनाने का अंदाज ही निराला है। क्षेत्र के 200 से अधिक गांव में आज भी पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाई जाती है। सदियों से लोग इस परंपरा का निर्वहन करते आ रहे हैं। सोमवार को प्रत्येक गांव में इस पर्व को लेकर लोगों के बीच खूब उत्साह नजर आया। बूढ़े से लेकर बच्चे सभी दिवाली के उल्लास में डूबे नजर आए। पर्व की शुरूआत पर लोगों ने एक निश्चित स्थान पर भीमल की लकड़ी जलाकर की, जिसके बाद लोग नाचते गाते हुए पंचायती आंगन में पहुंचे। जहां पूरे दिन नाच गाने के साथ हारूल, तांदी, रासो, झेंता नृत्य करते नजर आए।
भिरुड़ी पर्व आज
जौनसार बावर क्षेत्र में आज भिरुड़ी पर्व मनाया जाएगा। देव स्थान से गांव के स्याणा की ओर से अखरोट को प्रसाद के रूप में दिया जाएगा। एक ऊंचे स्थान पर चढ़कर इसे लोगों को दिया जाता है। प्रसाद को ग्रहण करने के लिए लोगों में जमकर उत्साह रहता है।
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बूढ़ी दिवाली पर सजे बाजार
जौनसार बावर में बूढ़ी दिवाली के चलते बाजारों में खूब रौनक रही। साहिया, कालसी, चकराता आदि क्षेत्रों में लोगों ने जमकर खरीदारी की। दुकानदारों ने बाजारों को शानदार तरीके से सजाया हुआ है। दिवाली पर बाहर नौकरी के लिए गए युवा एवं स्थानीय लोगों के परिजन भी गांव में पहुंचने लगे हैं।
इन गांवों में भी मनाई बूढ़ी दिवाली
नागथात। मुंशी गांव, लोहारी, लखस्यर, खाड़ी, लुहन, लोहारना, धिरोई, लखवाड़, सावडा, धनपऊ, जखनोग, भराया सिंगोट, चुन्हो गांव के साथ ही क्षेत्र के कई गांवों में होलियात और शाम को भिमल की लकड़ी की मशाल (स्थानीय भाषा में बिट कहते हैं) जलाकर बूढ़ी दिवाली पर्व मनाया। स्थानीय लोग लकड़ी की मशालों को लेकर पंचायती आंगन में एकत्र हुए और मशालों को एक स्थान पर जलाया। ढोल दमाऊ के साथ स्थानीय लोगों ने लोक नृत्य किया। हर घर में विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए गए। साथ ही लोगों ने एक दूसरे के घर जाकर उन्हें पर्व की बधाई दी।

साहिया क्षेत्र में बूढ़ी दिवाली पर उमड़ी खरीददारों की भीड़।- फोटो : VIKAS NAGAR

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