पिथौरागढ़ के अस्कोट में मोची का काम करने वाले एक बुजुर्ग की कोयले की गैस से दम घुटने के कारणमौत हो गई है। बुजुर्ग का शव बृहस्पतिवार को कमरे में पड़ा मिला। जानकारी के अनुसार मोहल्ला मंदिर वाला, पोस्ट छालू, थाना हल्दौर (बिजनौर) उत्तर प्रदेश निवासी गुलाब सिंह (62) पुत्र तब्बल सिंह के कमरे का दरवाजा बृहस्पतिवार को नहीं खुला। सुबह करीब सात बजे आसपास के लोगों ने दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई हलचल न होने पर इसकी सूचना पुलिस को दी।
थानाध्यक्ष मोहम्मद आसिफ खान के नेतृत्व में मौके पर पहुंची टीम ने दरवाजा खोला। अंदर गुलाब सिंह मृत पड़े थे। पास में ही अंगीठी रखी थी। आशंका है कि उन्होंने बुधवार की रात को ठंड से बचने के लिए अंगीठी में कोयले जलाए होंगे। कोयले की गैस लगने से उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भिजवाया। पुलिस ने फोन पर मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। गुलाब सिंह पिछले 15-16 वर्ष अस्कोट में किराए के कमरे में रहकर मोची का काम करते थे। बताया जा रहा है कि वह बीआरओ के रिटायर्ड कर्मी थे।
14 दिसंबर को कोयले की गैस से पिता, पुत्र की हुई थी मौत
बीते 14 दिसंबर को पिथौरागढ़ के रई मोहल्ले में रहने वाले नेपाल के बैतड़ी जिले के भूमिराज गांव निवासी धनवीर (29) और उनके 33 दिन के बच्चे की मौत हो गई थी। धनवीर की पत्नी शांति देवी (25) भी कोयले की गैस की चपेट में आईं थीं। वह उपचार के बाद स्वस्थ हो गईं थीं।