परिवहन विभाग की ओर से आचार संहिता लगने से पहले शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें कैब सर्विस देने वाली ओला और उबर कंपनी को भी राज्य में रजिस्ट्रेशन कराने की बात कही गई है। चुनाव के बाद प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही इस पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
कैब सर्विस देने वाली कंपनियों से जुड़े वाहन तो आरटीओ में पंजीकृत हैं, लेकिन कंपनियां नहीं हैं। ऐसे में दुर्घटना जैसे मामलों में कंपनियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ओला-उबर कंपनियों को भी अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसे लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
- सुनीता सिंह, अपर आयुक्त परिवहन