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ओला और उबर कंपनी को यहां कराना होगा रजिस्ट्रेशन, इसके बाद ही चलेंगी टैक्सियां 

Fri, 19 Apr 2019 06:51 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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ओला-उबर - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड में ओला और उबर कंपनियां बिना रजिस्ट्रेशन के टैक्सियां नहीं चला सकेंगी। एप से कैब सर्विस देने वाली कंपनियों को परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसे लेकर परिवहन विभाग ने शासन को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है।

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शासन से स्वीकृति मिलते ही इस पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। परिवहन विभाग ने यह निर्णय दुर्घटना जैसे मामलों में कंपनी की जवाबदेही तय करने को लेकर लिया है। शहर में कैब सर्विस देने वाली ओला और उबर एप के जरिये दर्जनों कारें संचालित हो रही हैं।

टैक्सी में चलने वाली कारों का तो परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन है, लेकिन इन कंपनियों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। करीब एक साल पहले टैक्सी संचालकों ने इसे लेकर विरोध दर्ज कराया था। दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी। जिसके बाद प्रमुख सचिव परिवहन विभाग ने मामले की रिपोर्ट तलब की थी। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। 

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परिवहन विभाग की ओर से आचार संहिता लगने से पहले शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें कैब सर्विस देने वाली ओला और उबर कंपनी को भी राज्य में रजिस्ट्रेशन कराने की बात कही गई है। चुनाव के बाद प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही इस पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी।  

कैब सर्विस देने वाली कंपनियों से जुड़े वाहन तो आरटीओ में पंजीकृत हैं, लेकिन कंपनियां नहीं हैं। ऐसे में दुर्घटना जैसे मामलों में कंपनियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ओला-उबर कंपनियों को भी अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसे लेकर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। 
- सुनीता सिंह, अपर आयुक्त परिवहन 
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