देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि प्रदेश के सभी 12543 मतदान केंद्रों का अधिकारी स्थलीय निरीक्षण करें। उन्होंने यह निर्देश मंगलवार को जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारियों को आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की तैयारियों व वर्तमान में चल रही ईवीएम-वीवीपीएटी की प्रथम स्तरीय जांच की समीक्षा बैठक में दिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कहा कि जिन मतदान केंद्रों में भवन की जर्जर स्थिति बनी हुई है, उन्हें आस पास के सरकारी भवन में स्थानांतरित करने की विधिवत प्रक्रिया की जाए। साथ ही बिजली, रैम्प, पेयजल, शौचालय, आवश्यक इत्यादि की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में प्रदेश में 12 नवंबर से शुरु होने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2027 (एसएसआर) के बारे में विस्तृत प्रस्तुतिकरण के साथ ही जानकारी भी दी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी डीईओ को निर्देश दिया कि आगामी 10 दिन विशेष अभियान चलाते हुए मतदाता सूची की परीक्षण किया जाए। मतदाताओं के नाम, आयु, संबंध, संबंधी का नाम की जानकारी को पुनः जांच कर ली जाए, जिन मतदाताओं के विवरण में कोई कमी या त्रुटि पाई जाती है तो उनके फार्म-आठ भरे जाएं। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के अलावा सभी जिलाधिकारी वीसी के माध्यम से शामिल हुए।
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1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर अभियान
आगामी 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत की जाएगी। 12 नवंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 12 नवंबर 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही 28 दिसंबर 2026 तक दावे-आपत्तियों की सुनवाई भी की जाएगी। 4 जनवरी 2027 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। राजनीतिक दलों को यह भी बताया गया कि दावों एवं आपत्तियों की पूरी अवधि के दौरान किसी आक्षेपकर्ता के रूप में मतदाता द्वारा अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत किए जा सकते हैं। मतदाता सूची के सतत अद्यतन की अवधि के दौरान किसी व्यक्तिगत मतदाता द्वारा प्रति माह अधिकतम 5 फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत किए जा सकते हैं।