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I- समिति के पदाधिकारियों ने सेलाकुई नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी के समक्ष जताया विरोधI
पछवादून संयुक्त समिति के पदाधिकारी सोमवार को शीशमबाड़ा स्थित कूड़ा निस्तारण संयंत्र में पहुंचे। उन्होंने संयंत्र के बाहर खड़े कूड़ा वाहनों और रिकार्ड की जांच की। समिति के पदाधिकारियों का दावा है कि हरबर्टपुर और सेलाकुई क्षेत्र का कूड़ा शीशमबाड़ा भेजा जा रहा है। जबकि करीब ड़ेढ साल पहले संयंत्र में कूड़ा भेजने पर रोक लगाई गई थी। समिति के पदाधिकारियों ने सेलाकुई नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी के समक्ष कड़ा विरोध प्रकट किया। वहीं, नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई करने की कही है।
पछवादून संयुक्त समिति के पदाधिकारियों ने अधिशासी अधिकारी एमएल शा को बताया कि वह शीशमबाड़ा कूड़ा निस्तारण संयंत्र में गए थे। वहां सेलाकुई नगर पंचायत और हरबर्टपुर नगर पालिका के कूड़ा वाहन खड़े थे। बताया कि रिकार्ड की जांच करने पर पता चला कि काफी समय से नगर पंचायत और नगर पालिका से कूड़ा शीशमबाड़ा भेजा जा रहा है। बताया कि अगस्त 2022 में नगर निगम देहरादून ने हरबर्टपुर, विकासनगर और सेलाकुई से कूड़ा संयंत्र में भेजने पर रोक लगा दी थी। पदाधिकारियों ने अधिशासी अधिकारी को खूब खरी खोटी सुनाई। कहा कि चोरी छिपे नगर पंचायत और नगर पालिका संयंत्र में कूड़ा डाल रही है। कहा कि कूड़ा डालना बंद नहीं किया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पदाधिकारियों ने बताया कि मौके पर हरबर्टपुर के सफाई निरीक्षक जितेंद्र सिंह को भी बुलाया गया। बताया कि सभी कूड़ा वाहनों को वापस भेजा दिया गया है। वहीं, सफाई निरीक्षक को आगे से संयंत्र में कूड़ा न भेजने की चेतावनी दी गई।
समिति के पदाधिकारी रमेश ढौंढियाल, चैतन्य अनिल गौड़, राज गंगसारी और जयवीर धीमान ने बताया कि शीशमबाड़ा संयंत्र में कूड़े का पहाड़ खड़ा है। क्षेत्र में दिनभर भयंकर दुर्गंध चल रही है। स्थानीय लोग गंदगी से बार-बार बीमार पड़ रहे हैं। लगातार संयंत्र को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग की जा रही है, लेकिन सेलाकुई नगर पंचायत और हरबर्टपुर नगरपालिका धोखा देकर संयंत्र में कूड़ा भेज रही है।
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Iनगर पंचायत और नगरपालिका के शीशमबाड़ा कूड़ा संयंत्र में कूड़ा भेजने को मामला संज्ञान में नहीं है। अगर नगर पालिका, पंचायत और कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से कूड़ा संयंत्र में आ रहा है तो इसकी जांच की जाएगी। दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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I-डॉ अविनाश खन्ना, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, देहरादूनI