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बसों के संचालन को लेकर परिवहन निगम प्रबंधन ने खड़े कर दिए हाथ

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माय सिटी रिपोर्टर देहरादून कोरोना संक्रमण के बीच रोडवेज बसों के संचालन को लेकर फिलहाल परिवहन निगम प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिए हैं। परिवहन निगम सूत्रों की मानें तो प्रबंधन ने शासन को भेजे गए प्रस्ताव में बसों के संचालन को लेकर कई दुश्वारियां गिनाई हैं । सूत्रों के मुताबिक परिवहन निगम के आला अधिकारियों का मानना है कि 50 फ़ीसदी यात्री क्षमता के साथ बसों का संचालन करना किसी भी सूरत में संभव नहीं है। यदि बसों को 50 फीसदी यात्री क्षमता के साथ बसों का संचालन करना पड़ा तो परिवहन निगम प्रबंधन को भारी-भरकम घाटा उठाना पड़ेगा। जिसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा। दूसरी ओर महाप्रबंधक दीपक जैन का कहना है कि प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है और यह सरकार शासन पर निर्भर करेगा कि बसों का संचालन किन आधार पर किया जाए। बता दें कि 22 मार्च के बाद से ही कोरोना संकट के चलते रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह से ठप है। बसों का संचालन ठप होने से परिवहन निगम प्रबंधन को पिछले तीन माह के भीतर कम से 120 करोड़ का भारी भरकम नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि सरकार , शासन के निर्देश पर परिवहन निगम प्रबंधन की ओर से लॉक डाउन में फंसे प्रवासियों को उनके सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाने के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है। लेकिन सामान्य यात्रियों के फिलहाल बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है । इसलिए शासन ने रोडवेज बसों के संचालन को लेकर परिवहन निगम प्रबंधन से प्रस्ताव मांगा है जिसमें शासन ने प्रबंधन से यह जानकारी मांगी है कि आखिरकार बसों का संचालन किस आधार पर किया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो परिवहन निगम प्रबंधन ने शासन को जो रिपोर्ट भेजा है उसके मुताबिक फिलहाल 50 फ़ीसदी यात्री क्षमता के साथ बसों के संचालन को लेकर परिवहन निगम प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिए हैं। सूत्रों की माने तो प्रबंधन का मानना है कि यूपी की तर्ज पर उत्तराखंड में भी पूरी यात्री क्षमता के साथ बसों के संचालन की अनुमति दी जाए। ताकि परिवहन निगम को भारी-भरकम वित्तीय घाटे से बचाया जा सके। परिवहन निगम के एक आला अधिकारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते पहले ही यात्रियों की संख्या ना के बराबर है और यदि बसों में 50 फ़ीसदी यात्री क्षमता के साथ बसों का संचालन करना पड़ा तो यह परिवहन निगम के लिए बेहद मुश्किल होगा। ऐसे में बेहतर होगा कि यूपी की तर्ज पर यहां भी बसों के संचालन की अनुमति जाए वही महाप्रबंधक दीपक जैन से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि बसों के संचालन को लेकर प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अब यह शासन पर निर्भर करेगा कि बसों के संचालन की अनुमति दी जाती है या नही। हालांकि महाप्रबंधक दीपक जैन का साफ शब्दों में कहना है कि 50 फ़ीसदी यात्री क्षमता के साथ बसों का संचालन संभव नहीं है। इससे परिवहन निगम प्रबंधन को भारी-भरकम घाटा होगा।
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