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राजधानी की सड़कों पर जल्द फर्राटा भर्ती नजर आएंगी सिटी बसें

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माय सिटी रिपोर्टर देहरादून कोरोना वायरस संक्रमण के बीच राजधानी की सड़कों पर ऑटो, विक्रम के साथ ही अब सिटी बसें जल्द ही फर्राटा भरती नजर आएंगी। कारण कि सरकार, शासन स्तर पर सिटी बसों के संचालन को लेकर बुलाई गई बैठक में यदि पूरी यात्री क्षमता के साथ गाड़ियों के संचालन की अनुमति दी जाती है तो सिटी बस संचालक गाड़ियों को जल्द से जल्द सड़कों पर उतार देंगे। दूसरी ओर सिटी बस सेवा महासंघ पदाधिकारियों का साफतौर पर कहना है कि सरकार को सिटी बसों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति देनी चाहिए। यदि सरकार 50 फ़ीसदी यात्री क्षमता के साथ सिटी बसों को संचालित करने की बात करती है, तो किराए में बढ़ोतरी की जाए ताकि सिटी बस संचालकों को वित्तीय घाटा ना उठाना पड़े। देहरादून सिटी बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल का कहना है कि सिटी बस संचालक पिछले चार माह से गंभीर आर्थिक संकटों का सामना कर रहे हैं। सरकार ने सार्वजनिक वाहनों के संचालन को लेकर जो एसओपी जारी की है उसके तहत 50 फ़ीसदी यात्रियों के साथ सिटी बसों को संचालित किया जाना है। जो किसी भी सूरत में संभव नहीं है। ऐसे में सरकार के स्तर पर सिटी बसों को पूरी यात्री क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति दी जाए। महासंघ अध्यक्ष डंडरियाल का यह भी कहना है कि यदि सरकार 50 फ़ीसदी यात्री क्षमता के साथ सिटी बसों के संचालित करने के फैसले पर अडिग है तो सरकार को किराए में बढ़ोतरी का निर्णय लेना चाहिए । ताकि सिटी बस संचालकों को भारी वित्तीय घाटे से बचाया जा सके। इसके साथ ही यदि सिटी बसों का संचालन किया जाता है तो राजधानी की सड़कों पर दौड़ रहे विक्रम को राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में लिए गए निर्णय के मुताबिक संचालित करना होगा। जिसके तहत विक्रम को सिर्फ ठेका गाड़ी के तौर पर ही संचालित किया जा सकेगा। विक्रम संचालक फुटकर सवारियां किसी भी सूरत में गाड़ी पर नहीं बैठा सकेंगे। सरकार शासन और जिला प्रशासन को इन तमाम पहलुओं पर विचार विमर्श करने के बाद ही सिटी बसों के संचालन को लेकर कोई अंतिम निर्णय लेना चाहिए ।
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