पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप पर भी महाव्रत की चर्चा नहीं हुई, क्याेंकि खुफिया तंत्र ग्रुप पर निगाहें लगाए था। पुलिस मुख्यालय के अधिकारी भी लगातार जिलों से अपडेट लेते रहे। कई दिन से यही कवायद चल रही थी कि महाव्रत को लेकर किसी तरह की फजीहत न हो पाए। देहरादून जिले में तो महाव्रत पर बड़ा खाना भारी रहा।
महाव्रत को तोड़ने के लिए थाना, चौकियों की मैस में पुलिसकर्मियों के लिए रोजमर्रा से हटकर खीर, हलवा, मटर पनीर, छोले, मिक्स सब्जी आदि कई तरह के व्यंजन तैयार किए गए थे। शहर कोतवाली में निरीक्षक बीबीडी जुयाल की तरफ से करीब सवा सौ पुलिसकर्मियों का भोजन तैयार कराया गया था।
यहां पर पुलिस अधीक्षक नगर प्रदीप राय और सीओ सिटी चंद्रमोहन नेगी ने पुलिस कर्मियाें के साथ भोजन किया। प्रेमनगर में थानाध्यक्ष मुकेश त्यागी ने बड़ा खाना रखा था। यहां भी सीओ सिटी ने पुलिस कर्मियाें के साथ कई तरह के व्यंजनाें का स्वाद लिया। कैंट कोतवाली में भी पुलिस कर्मियाें ने ऐसी ही दावत का आनंद लिया।
अमूमन दूसरे थानों में भी स्थिति ऐसी ही रही। हालांकि नेहरू कालोनी के पुलिस कर्मियाें के लिए रविवार को होटल में पार्टी आयोजित की गई है। जिले के दूसरे हिस्सों में महाव्रत को तोड़ने के लिए इस तरह की ही रणनीति बनाई गई थी।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार का कहना है कि महाव्रत जैसी घोषणा से पुलिसकर्मियों का कोई लेना देना नहीं था। चंद कर्मियों को शरारती तत्वों ने गुमराह किया था, जिन्हें अब अपनी गलती का अहसास हो गया है।
खाकी के महाव्रत (अघोषित विरोध) को लेकर 13 और पुलिसकर्मियों पर गाज की तैयारी है। विभिन्न जिलाें के यह पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर महाव्रत प्रचार से जुड़े रहे हैं। इनके खिलाफ अंदरखाने विभागीय कार्रवाई की तैयारी हो रही है, मगर अधिकारी कार्रवाई को महाव्रत से जोड़कर चिंगारी को हवा देना नहीं चाहते हैं।
इसलिए सामूहिक कार्रवाई से परहेज किया जा रहा है। इसी बीच एडीजी ने कहा है कि पुलिसकर्मियों को भड़काने में बाहरी तत्वों का हाथ होने की आशंका में है। यदि कोई पकड़ में आया तो उसके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
खाकी के महाव्रत ऐलान को लेकर पुलिस पूरे प्रदेश में खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया था। महाव्रत को लेकर अब तक प्रशिक्षु दारोगा समेत पांच पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इसी कड़ी में खुफिया तंत्र की मदद से करीब 13 और पुलिस कर्मियाें को चिह्नित किया गया है, जो महाव्रत से जुड़े रहे हैं।
इनमें बागेश्वर, अल्मोड़ा, पौड़ी और रुद्रपुर से जुडे़ पुलिस कर्मी बताए गए हैं। इनके खिलाफ देर-सवेर कार्रवाई की तैयारी है। अफसरों ने निर्देश दिए हैं कि इनके खिलाफ कार्रवाई तो की जाए, मगर वह महाव्रत से न जुड़े, क्याेंकि अगर ऐसा हुआ तो पुलिस कर्मियों में गलत संदेश जा सकता है।
उधर अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने कहा कि अनुशासित बल को कुछ बाहरी तत्वों द्वारा भड़काने की आशंका है। इसी लिहाज से पुलिस के अलावा बाहरी तत्वों को भी चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्हाेंने माना कि महाव्रत को लेकर प्रदेश के कई जिलों में पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया गया है, निसंदेह ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई होग