विभागीय अधिकारियों की इस लचर कार्यप्रणाली के कारण एक होनहार खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने से वंचित रह गया। मनीष का कहना राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए वह कई दिनों से तैयारी कर रहा था। विभागीय अधिकारियों के तालमेल का खामियाजा उसे भुगतना पड़ा।
ब्लाक शिक्षा अधिकारी के स्तर पर खिलाड़ी मनीष पाल और उसके कोच को समय पर सूचना देने में यह बड़ी भूल हुई है। 16 नवंबर को मुझे यह शिकायत प्राप्त हुई है, जबकि 13 नवंबर को बीईओ को मेल से यह सूचना भेज दी गई थी। बीईओ ने मेल चेक नहीं की है। बीईओ से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण आने के बाद उच्च अधिकारियों को उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भेजी जाएगी।
- एसपी सेमवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी
खिलाड़ी को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्यों नहीं ले गए। इसकी जांच की जाएगी। इसमें जो दोषी होगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -आरके कुंवर, विद्यालयी शिक्षा निदेशक, उत्तराखंड