प्रदेश में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में दो सौ से अधिक स्कूलों को पूर्ण ग्रांट में लिया गया था, लेकिन इसकी स्वीकृति के बाद भी इन स्कूलों को पूर्ण ग्रांट न देकर शुरूआत में टोकन मनी दी गई थी।
वर्ष 2017 में भाजपा सरकार में पूर्ण ग्रांट पर रोक का जीओ जारी किया गया। इसके बाद भी कुछ स्कूलों को पूर्ण ग्रांट दे दी गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि कुछ स्कूलों को शिक्षा मंत्री के आदेश पर पूर्ण ग्रांट दी गई।
मेरे आदेश पर किसी स्कूलों को पूर्ण अनुदान नहीं दिया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अनुदान पर रोक के आदेश के खिलाफ जाकर गलत परंपरा शुरू की है। मैंने मुख्यमंत्री से कहा है कि इस तरह के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हो।
-अरविंद पांडे, शिक्षा मंत्री