कर्मचारियों के मसलों पर सरकार के उदासीन रुख से नाराज उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी मंच ने फिर से आंदोलन छेड़ने का एलान किया है। मंच ने 10 अगस्त को परेड ग्राउंड में प्रदेशव्यापी रैली का आह्वान किया है। रैली के बाद कर्मचारी सचिवालय का घेराव करेंगे और मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा सुनाएंगे। फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसी दिन मंच हड़ताल का ऐलान कर देगा।
यह निर्णय बृहस्पतिवार को यमुना कालोनी स्थित सद्भावना भवन में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में संयोजक मंडल के सभी पदाधिकारी व घटक दलों के नेताओं ने भाग लिया। बैठक में कर्मचारियों के मसले पर सरकार के रुख पर आक्रोश व्यक्त किया गया। बैठक में कहा गया कि मंच ने अपनी सात सूत्रीय मांग को लेकर 25 मई से चार जून तक मंत्रियों व विधायकों को ज्ञापन सौंपे थे। पांच जून को समस्त कार्मिक अवकाश पर रहे थे। 13 जून से 14 जूून तक सभी जनपदों में कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन हुआ था।
18 जून को अपर मुख्य सचिव कार्मिक की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें एक माह में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। तब मंच ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। एक माह की समयावधि समाप्त होने के बावजूद सातवें वेतन आयोग के भत्तों, पदोन्नति में शिथिलीकरण और कार्मिकों के लिए यू हेल्थ कार्ड योजना का प्रस्ताव 15 जुलाई की कैबिनेट बैठक में लाने का वादा किया था, लेकिन इन मसलों पर कोई निर्णय नहीं हुआ।
इससे कर्मचारियों में भारी हताशा है। बैठक में मुख्य संयोजक नवीन कांडपाल, सचिव संयोजक सुनील कोठारी, प्रांतीय प्रवक्ता पूर्णानंद नौटियाल और संयोजक हरीश कोठारी ने कहा कि अब मंच के पास आंदोलन छेड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। बैठक में रमेश रमोला, सुभाष देवलियाल, प्रदीप कुमार शुक्ला, अनंत राम शर्मा, विक्रम सिंह नेगी, बीएस पयाल, प्रताप सिंह पंवार, पंचम सिंह बिष्ट, मुकेश बहुगुणा, मुकेश ध्यानी, एसएएस चौहान, कुलदीप रावत, मीनाक्षी जखमोला, लोकेंद्र पैन्यूली, आरसी शर्मा, एमआर खंडूड़ी, एमपी काला, सुरेश तिवारी, राजेंद्र चौहान, जमुना प्रसाद भट्ट, संदीप कुमार मौय समेत कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
10 को होगा बेमियादी हड़ताल का ऐलान
बैठक में तय हुआ कि 10 अगस्त को मंच से जुड़े प्रदेश के सभी जनपदों के कार्मिक देहरादून परेड ग्राउंड में जुटेंगे और रैली करेंगे। रैली के बाद कर्मचारी सचिवालय का घेराव करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसी दिन मंच बेमियादी हड़ताल की तिथि का ऐलान करेगा।
मंच की प्रमुख मांगें
1.सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत भत्ते जारी किए जाएं
2.अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण की पूर्ववर्ती व्यवस्था लागू हो
3.पूरे सेवाकाल में न्यूनतम तीन पदोन्नतियां अनिवार्य रूप से दी जाएं
4.यू हेल्थ स्मार्ट कार्ड की योजना में देश व प्रदेश के उच्चस्तरीय चिकित्सालय शामिल हों
5.पुरानी पेंशन व्यवस्था को शीघ्र बहाल किया जाए
6.नौकरी के आखिरी साल में ऐच्छिक अनिवार्य तबादला मिले
7.इंदु कुमार पांडेय की अध्यक्षता वाली कमेटी की रिपोर्ट लागू न की जाए