विजिलेंस ने 28 फरवरी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों सिंचाई विभाग के समीक्षा अधिकारी कमलेश थपलियाल को पकड़ा था। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद वह जेल चला गया था। सचिवालय प्रशासन ने रिश्वत के दूसरे आरोपी समीक्षा अधिकारी को निलंबित कर दिया था।
सिंचाई विभाग का अनुभाग अधिकारी एक महीने से ड्यूटी से गैरहाजिर है। विजिलेंस उसकी तलाश कर रही है लेकिन संबंधित विभाग को उनकी परवाह नहीं है। इस पूरे प्रकरण की जानकारी सचिवालय प्रशासन को भी नहीं है। दरअसल, फरवरी में सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त जेई किशन चंद अग्रवाल के पुत्र ने विजिलेंस से रिश्वत मांगने की शिकायत की थी।
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विजिलेंस ने 28 फरवरी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों सिंचाई विभाग के समीक्षा अधिकारी कमलेश थपलियाल को पकड़ा था। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद वह जेल चला गया था। रिश्वत के इस प्रकरण में दूसरा आरोपी अनुभाग अधिकारी अनिल पुरोहित था। तब सचिवालय प्रशासन ने रिश्वत के आरोपी समीक्षा अधिकारी को निलंबित कर दिया था।
जबकि आरोपी अनुभाग अधिकारी 28 फरवरी से ड्यूटी पर ही नहीं लौटा है। विजिलेंस की ओर से लगातार उसकी जानकारी जुटाई जा रही है लेकिन विभाग में उसका कोई अता-पता नहीं है। एक माह से ऊपर बीतने के बाद भी सिंचाई विभाग की ओर से सचिवालय प्रशासन को इसकी कोई जानकारी भी नहीं दी गई है। जब सचिव प्रभारी विनोद कुमार सुमन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह ड्यूटी से नदारद है, इसकी कोई जानकारी उनके पास अभी नहीं है।
विभाग समय से बताए तो हो कार्रवाई
नियमानुसार सिंचाई विभाग के आला अफसरों के स्तर से अनुभाग अधिकारी के बिना अनुमति ड्यूटी पर न आने की जानकारी सचिवालय प्रशासन को देनी चाहिए। सचिवालय प्रशासन की ओर से संबंधित को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी वह उपस्थित न हुआ तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।