समस्या सुनने पहुंचे एसडीएम जितेंद्र कुमार (बाएं से दूसरे)
- फोटो : AmarUjala
आजादी के बाद विकासनगर के दुर्गम क्षेत्र के गांवों में तेरह किमी की पैदल दूरी नापकर जब पहली बार कोई अफसर पहुंचा, तो ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने अफसर का स्वागत किया। ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याएं बताई और उनको मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
दरअसल, व्यासी परियोजना की सुरंग निर्माण से सुरंग के ऊपर स्थित गांवों के घरों में दरारें पड़ रही हैं। जिससे घरों को खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों की शिकायत सुनने को पहले तक प्रशासनिक और जल विद्युत निगम के अफसर हथियारी में ही ग्रामीणों को बुलाकर उनकी समस्या सुनते थे। क्योंकि गांवों में जाने को कोई सड़क मार्ग नहीं है।
शुक्रवार को पुर्नवास अधिकारी/एसडीएम विकासनगर जितेंद्र कुमार ने यह परंपरा खत्म कर जल विद्युत निगम के अधिकारियों के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया।
पहली बार गांव में अफसर देख खिल उठे गांव वालों के चेहरे
गांव में पहुंचे एसडीएम को सुनते ग्रामीण
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उप प्रधान भरत सिंह रावत भलेर, क्षेत्र पंचायत सदस्य देवपाल सिंह, नवयुवक मंगल दल का अध्यक्ष सुरेश नेगी के अनुसार आजादी के बाद यह पहला मौका था जब कोई प्रशासनिक अधिकारी दुर्गम में बसे इन गांव वालों के लोगों की सुध लेने पहुंचा।
एसडीएम के गांव पहुंचने पर लोगों ने उनका स्वागत कर आभार जताया। एसडीएम ने कांडोई, भदोगी, नकोट, भलेर, बाइला, उदियाखेत आदि प्रभावित गांवों के लोगों की समस्या सुनी। स्थानीय निवासी नवीन तोमर, सत्यपाल तोमर, चंद्रपाल तोमर, नरेश तोमर आदि ने बताया लगातार हो रही ब्लास्टिंग से मकानों की छतों और दीवारों पर दरारें पड़ रही हैं।
इन गांवों में करीब 50 परिवार निवास करते हैं। सुविधाओं के अभाव में कई परिवार पलायन कर चुके हैं। गांव तक सड़क भी नहीं है। कई वर्ष पहले हथियारी से इन गांवों तक सड़क बनाने के लिए सर्वे किया गया, लेकिन कार्य सर्वे से आगे नहीं बढ़ सका। ग्रामीणों ने पेयजल की समस्या भी रखी।
एसडीएम ने दिलाया ग्रामीणों को भरोसा
एसडीएम जितेंद्र कुमार (बाएं)
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ग्रामीणों ने कहा कि ब्लास्टिंग से पानी के स्रोत भी दब गई हैं। जिससे चलते पानी की समस्या बनी हुई है। परियोजना के महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल ने लोगों को पानी के लिए टैंक बनाने का भरोसा दिलाया।
किसी स्वतंत्र एजेंसी से ब्लास्टिंग से पड़ रहे प्रभावों की जांच कराई जाएगी। टैक्नीकल मुआयने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सड़क के लिए संबंधित विभाग से वार्ता की जाएगी।
-जितेंद्र कुमार, एसडीएम