हिमालय परिवार के राष्ट्रीय संयोजक इंद्रेश कुमार ने कहा कि चीन और पाकिस्तान द्वारा कब्जा किया क्षेत्र आज भारत के खिलाफ आतंकियों, तस्करों और घुसपैठियों की शरण गाह बन गया है। हिमालय परिवार इस विषय पर जन आंदोलन खड़ा करने के लिए जागरूकता अभियान चलाएगा, ताकि केंद्र सरकार को भी इस मुद्दे पर सहयोग मिले।
शुक्रवार को हिमालय परिवार की ओर से संकल्प दिवस पर शहर में विभिन्न जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजपुर रोड स्थित एक होटल में हिमालय परिवार के संयोजक इंद्रेश कुमार ने कहा कि चीन ने हमारे भाईचारे की भावना के उलट पीठ में चाकू घोंपकर पंचशील के समझौते की धज्जियां उड़ाई।
भारत के लगभग 80 हजार वर्ग किलोमीटर भूभाग पर कब्जा कर लिया। हिमालयी क्षेत्रों में हुए इन आघातों से देश की सीमाओं को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। पूर्व की सरकारों ने इस पर सख्त कदम नहीं उठाए हैं। आज संसद को इस कब्जाए भूभाग को वापस लेने के लिए एकजुट होकर ठोस कदम उठाने का संकल्प लेना होगा।
यह संकल्प लिए
इससे पहले कार्यक्रम में चीनी सामान का इस्तेमाल न करने, स्वच्छता अभियान, हिमालयी क्षेत्र से पलायन रोकने, बेटी बचाओ अभियान और हरियाली के लिए पौधरोपण अभियान को बढ़ाने का संकल्प लिया गया। राष्ट्रीय संयोजक इंद्रेश कुमार के साथ हिमालय परिवार के सदस्य करनपुर और पूरण बस्ती में भी गए। वहां बच्चों को मिठाई बांटी गई। कार्यक्रम में हिमालय परिवार की प्रदेश अध्यक्ष नीलम सहगल, भुवन भट्ट, युद्धवीर सिंह, बृजलेश गुप्ता, लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल, सरदार जीवन सिंह, अनुराधा सिंह, प्रताप बिष्ट, जोगेंद्र पुंडीर राकेश मल्होत्रा, अरुण खरबंदा, प्रेमा राणा आदि शामिल रहे।