अगस्त्यमुनि ब्लॉक के गुनांऊ गांव निवासी नूतन वशिष्ठ ने 26 मई की मध्य रात्रि को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर जनपद और उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। गढ़वाल परिक्षेत्र की वह पहली एनसीसी कैडेट है, जिसने एवरेस्ट पर फतह की है।
मार्च में टीम के साथ नूतन ने माउंट एवरेस्ट के लिए कूच किया था। कई दिन बेस कैंप में प्रशिक्षण के बाद दो माह के अथक प्रयास से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया है। इस अभियान के दौरान टीम के सात सदस्यों की बर्फीले तूफान की चपेट में आने से मौत हो गई थी। नूतन के पिता गिरीश चंद्र वशिष्ठ सेना में तैनात है।
वह स्वयं राजस्थान के बीकानेर से एमकाम की पढ़ाई कर रही है। बेटी की इस सफलता से गदगद सुशीला देवी का कहना है कि उनकी बेटी ने जनपद में ही नहीं वरन, प्रदेश, देश और दुनिया में भी पहचान दिला दी है। स्कूली जीवन से पर्वतारोहण के प्रति उसकी रुचि आज सार्थक साबित हो गई। उन्होंने बताया कि बेटी के साथ फोन पर संपर्क हुआ है, वह कुशलपूर्वक है और अपने कोच और टीम के अन्य सदस्यों के साथ कैंप लौट रही है।
नूतन की उपलब्धियां
माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली नूतन ने वर्ष 2014 में गंगोत्री के समीप रुद्रगेरा, सिक्कम से माउंट रिनांक, हिमाचल प्रदेश में माउंट टिब्बा और वर्ष 2015 में उत्तराखंड में माउंट त्रिशूल को फतह किया। नूतन ने हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान से बेसिक प्रशिक्षण भी प्राप्त किया।