सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के विरोध में प्रदेशभर की नर्सें सोमवार 15 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगी। ऑल इंडिया नर्सेज फेडरेशन के पदाधिकारियों से वार्ता के बाद उत्तराखंड नर्सेज एसोसिएशन ने यह निर्णय लिया है।
ऑल इंडिया नर्सेज फेडरेशन के प्रतिनिधि रविवार को देहरादून पहुंचे। सुधीर रूप और गोपाल सिंघल ने नगर निगम के पास एक होटल में उत्तराखंड नर्सेज एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मुलाकात की।
एसोसिएशन अध्यक्ष अंजना भौमिक ने आरोप लगाया कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में नर्सों के पदों का ग्रेड पे घटाकर उन्हें डिमोट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट के पीबी-3 श्रेणी के पदों को पीबी-2 में तब्दील किया गया है। इसके अलावा कई अन्य भत्तों को भी कम या खत्म किया गया है।
प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मी पुनेठा ने कहा कि उनका एचआरए कम कर दिया गया है। यूनिफॉर्म और धुलाई भत्ते को खत्म कर ड्रेस अलाउंस बना दिया गया है, जिसमें कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। देशभर की नर्सें जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन कर विरोध भी जता चुकी है। बावजूद मांग पर कार्रवाई ना होने से आक्रोशित नर्सें अब अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगी।